Congress protest: प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
बीते दिनों कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन की तस्वीर
Congress protest: कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की महिला सांसदों के संसदीय विशेषाधिकारों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया। लोकसभा महासचिव को भेजे पत्र में ईडन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के बावजूद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों के साथ, विशेष रूप से राहुल गांधी के साथ, ‘‘क्रूरता से धक्का-मुक्की’’ की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के विपक्ष के नेता को पुलिस घसीटते हुए जबरन छत्रसाल स्टेडियम ले गयी।
ईडन ने अपने नोटिस में कहा, ‘‘मैं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की महिला सांसदों के संसदीय अधिकारों एवं विशेषाधिकारों के उल्लंघन के संबंध में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस देता हूं।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद 21 जुलाई को छात्रों और युवाओं के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना था कि एक दिन पहले छात्रों और युवाओं के साथ कथित तौर पर की गई पुलिस की ज्यादती के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। ईडन ने कहा कि देशभर के छात्र और युवा लंबे समय से प्रश्नपत्र लीक होने तथा परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस युवाओं की आवाज उठा रही है तथा प्रश्नपत्र लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की लगातार मांग कर रही है। ईडन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया और कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए 20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। ईडन ने कहा कि 21 जुलाई को राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसद छात्रों और युवाओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे उठा रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस ने सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की और राहुल गांधी को जबरन हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। ईडन ने कहा कि विपक्ष के नेता का संसदीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान होता है और उनके साथ किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संसदीय परंपराओं की अनदेखी को दर्शाता है। केरल से लोकसभा सदस्य ईडन ने यह भी आरोप लगाया कि महिला सांसदों के साथ भी खुलेआम धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जो यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार महिलाओं और अपने विरोधियों के साथ किस प्रकार का व्यवहार करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्र सरकार ने राहुल गांधी तथा अन्य कांग्रेस सांसदों, विशेषकर महिला सांसदों, के संसदीय विशेषाधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन किया है।
ईडन ने लोकसभा सचिवालय से इस विशेषाधिकार प्रस्ताव पर संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने से हटाकर हिरासत में ले लिया था। उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में अचानक शुरू हुए इस धरने के बाद सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को विपक्षी नेताओं से बातचीत कर प्रदर्शन स्थल खाली कराने के लिए भेजा था। राहुल गांधी और जितेंद्र सिंह के बीच कुछ मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने पर दोनों अधिकारी वहां से लौट गए। इसके बाद शाम को पुलिस ने राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जहां से उन्हें कुछ घंटे बाद रिहा कर दिया गया।
