Dark Chocolate For Kids: क्या बच्चों को डार्क चॉकलेट देनी चाहिए? जानिए फायदे, नुकसान और सही मात्रा
क्या बच्चों को डार्क चॉकलेट देनी चाहिए?
Dark Chocolate For Kids: घर में चॉकलेट का डिब्बा आते ही बच्चों के बीच उसे छीनने की होड़ लग जाती है। हालांकि, ज्यादातर अभिभावक यही सोचकर हिचकिचाते हैं कि चॉकलेट खाने से बच्चों के दांत सड़ जाएंगे या उनका वजन बढ़ जाएगा। लेकिन जब बात डार्क चॉकलेट की आती है, तो न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय थोड़ी अलग हो जाती है। मिल्क चॉकलेट के मुकाबले डार्क चॉकलेट में दूध और चीनी की मात्रा काफी कम होती है, जबकि कोको सॉलिड्स (Cocoa Solids) का अनुपात कहीं ज्यादा होता है। इसी वजह से इसे एक सुपरफूड की श्रेणी में भी रखा जाता है।
सेहत के लिए क्यों खास है डार्क चॉकलेट?
डार्क चॉकलेट बनाने में मुख्य रूप से कोको बीन्स, कोको बटर और हल्की मिठास का इस्तेमाल होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं:
एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर: डार्क चॉकलेट में ‘फ्लेवोनॉयड्स’ नाम का शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले नुकसान से बचाता है।
मूड स्विंग्स में राहत: इसे खाने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होते हैं, जो बच्चों के चिड़चिड़ेपन को दूर कर उनका मूड खुशमिजाज बनाते हैं।
तुरंत एनर्जी का स्रोत: इसमें मौजूद स्वस्थ वसा (Healthy Fats) और कार्बोहाइड्रेट्स बच्चों को खेलकूद या पढ़ाई के बाद तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं।
जरूरत से ज्यादा सेवन दे सकता है ये नुकसान
भले ही डार्क चॉकलेट गुणकारी हो, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन बच्चों की कोमल सेहत पर भारी भी पड़ सकता है। इसमें स्वाभाविक रूप से कैफीन और थियोब्रोमाइन जैसे तत्व पाए जाते हैं। यदि बच्चे ज्यादा डार्क चॉकलेट खा लें, तो उन्हें रात में नींद न आने, घबराहट या पेट दर्द जैसी पाचन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होने के कारण बच्चों में मोटापे का जोखिम भी बढ़ जाता है।
बच्चों को डार्क चॉकलेट देते समय इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डार्क चॉकलेट बच्चों के लिए नुकसानदायक नहीं है, बशर्ते इसे सही तरीके और नियंत्रित मात्रा में दिया जाए। माता-पिता को खरीदते और खिलाते समय कुछ जरूरी बातें ध्यान रखनी चाहिए:
कोको की मात्रा जांचें: बच्चों के लिए 70% या उससे कम कोको वाली डार्क चॉकलेट ही चुनें। इससे ज्यादा कोको वाली चॉकलेट का स्वाद काफी कड़वा होता है, जो बच्चों को नापसंद आ सकता है।
मात्रा पर रखें नियंत्रण: कभी-कभार या हफ्ते में एक-दो बार डार्क चॉकलेट की एक छोटी सी बाइट (टुकड़ा) देना ही काफी है। इसे रोज की आदत न बनने दें।
अतिरिक्त शुगर से बचें: बाजार में मिलने वाली कई डार्क चॉकलेट्स में एक्स्ट्रा फ्लेवर और चीनी मिलाई जाती है, इसलिए रैपर पर दिए गए इंग्रेडिएंट्स जरूर पढ़ें।
एलर्जी का रखें ध्यान: यदि आपके बच्चे को सांस की बीमारी, पेट की संवेदनशीलता या किसी प्रकार की फूड एलर्जी है, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसे आहार में शामिल करें।
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