July 21, 2026

International Biology Olympiad 2026: नारनौल की भाव्या गुनवाल ने लिथुआनिया में जीता गोल्ड, पीएम मोदी ने सराहा

0
International Biology Olympiad 2026: नारनौल की भाव्या गुनवाल ने लिथुआनिया में जीता गोल्ड, पीएम मोदी ने सराहा

International Biology Olympiad 2026: नारनौल की भाव्या गुनवाल ने लिथुआनिया में जीता गोल्ड, पीएम मोदी ने सराहा

International Biology Olympiad 2026: हरियाणा के हिस्से एक और ऐसी वैश्विक कामयाबी आई है, जिसने पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। महेंद्रगढ़ जिले के अटेली क्षेत्र (नारनौल) की रहने वाली भाव्या गुनवाल ने लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (IBO-2026) में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की चार सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया था, जिसमें चारों ही प्रतिभागियों ने पदक जीतने में सफलता पाई, मगर सोने का तमगा देश की झोली में डालने का गौरव सिर्फ भाव्या को हासिल हुआ। भाव्या की इस जादुई सफलता की गूंज दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक सुनाई दे रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नायब सैनी ने ‘एक्स’ पर दी बधाई

भारतीय छात्रों की इस सामूहिक और शानदार विजय पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय दल के युवा वैज्ञानिकों ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, एनिमल फिजियोलॉजी और प्लांट कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जैसे बेहद जटिल और आधुनिक विषयों में अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि भाव्या और उनकी टीम की यह सफलता देश के करोड़ों युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाव्या गुनवाल, सौमिल मैती, निशित कलानी और अनमोल कुमार की अथक मेहनत को सलाम करते हुए उन्हें नए भारत का चमकता सितारा बताया।

मेधा की धनी: 9वीं से 12वीं तक टॉपर, नीट में पाई 71वीं रैंक

भाव्या गुनवाल की इस सफलता के पीछे उनकी बरसों की अकादमिक तपस्या और कड़ा परिश्रम है। उनका स्कूली रिकॉर्ड किसी को भी हैरत में डाल सकता है। भाव्या ने कक्षा 9वीं में 99 प्रतिशत, 10वीं में 97.4 प्रतिशत, 11वीं में 95 प्रतिशत और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 98.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी मेधा का परिचय दिया था। इसी साल आयोजित हुई देश की सबसे कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET-2026) में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR)-71 हासिल कर जिले में टॉप किया। इतना ही नहीं, इंजीनियरिंग की राह तय करने वाली जेईई मेन्स (JEE Mains) परीक्षा में भी उन्होंने 99.7 पर्सेंटाइल स्कोर किया, जिसमें फिजिक्स जैसे विषय में उनका स्कोर पूरे 100 पर्सेंटाइल था।

अंतरराष्ट्रीय पदकों की ‘हैट्रिक’ लगाने वाली पहली कतार की खिलाड़ी

वैश्विक मंचों पर भारत का मान बढ़ाना भाव्या के लिए कोई नया अनुभव नहीं है। वे इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय विज्ञान मंचों पर तिरंगे की शान बढ़ा चुकी हैं। साल 2024 में रोमानिया की धरती पर आयोजित इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड (IJSO) में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था, जिसके बाद साल 2025 में फिलीपींस में हुए इंटरनेशनल बायोलॉजी ओलंपियाड में उन्होंने देश को रजत (सिल्वर) पदक दिलाया था। इसके अलावा नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की मैथ, रीजनिंग, एनएसटीएसई (NSTSE) और एनएसएटी (NSAT) जैसी दर्जनों प्रतियोगिताओं में वे हमेशा शीर्ष पायदान पर रही हैं।

मेधावी छात्रा के साथ-साथ एक संवेदनशील शिक्षक भी हैं भाव्या

भाव्या गुनवाल की शख्सियत का एक और खूबसूरत पहलू यह है कि वे सिर्फ अपनी किताबों और करियर तक सीमित नहीं हैं। अपनी व्यस्त पढ़ाई के बीच समय निकालकर वे सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ती हैं। भाव्या लंबे समय से समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त में पढ़ाने का नेक काम कर रही हैं, ताकि शिक्षा की रोशनी उन तक भी पहुंच सके। उनकी इस चहुंमुखी प्रतिभा और ऐतिहासिक जीत ने न केवल नारनौल और वीरभूमि हरियाणा को गौरवान्वित किया है, बल्कि दुनिया को यह दिखा दिया है कि भारत की बेटियां विज्ञान के शिखर पर पहुंचने का हौसला रखती हैं।

यह भी पढ़ें– Haryana Weather Update: हरियाणा के इन 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, रोहतक में पारा 40 पार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed