Kaithal News: कैथल के सजूमा गांव में दूषित पानी का कहर, 70 से ज्यादा बच्चे हेपेटाइटिस की चपेट में, 11 साल की बच्ची की मौत
कुरुक्षेत्र-कैथल बॉर्डर के सजूमा गांव में जल त्रासदी: टूटी पाइपलाइन ने पूरे गांव को किया बीमार, प्रशासन पर फूटा गुस्सा
Kaithal News: कैथल विधानसभा क्षेत्र के सजूमा गांव से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक विफलता की बड़ी कहानी सामने आई है। गांव में सप्लाई होने वाले दूषित पानी ने ऐसा कहर बरपाया है कि पिछले दो हफ्तों के भीतर पूरा गांव एक तरह से अस्पताल में तब्दील हो गया है।
सरकारी पेयजल व्यवस्था के जरिए घरों तक पहुंचे जहरीले पानी के कारण 70 से अधिक मासूम बच्चे हेपेटाइटिस-ए और अन्य गंभीर संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इस जलजनित त्रासदी ने तब और भयानक रूप ले लिया, जब गांव की 11 साल की बेटी रितिका ने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद से ग्रामीणों में जनस्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
टूटी पाइपलाइन से घरों में आ रहा था गंदा पानी, प्रशासन सोया रहा
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पीने के पानी की मुख्य पाइपलाइन लंबे समय से कई जगह टूटी हुई थी। इस वजह से नालियों का सड़ा और गंदा पानी पेयजल लाइन के भीतर रिस रहा था।
नहरी पानी की साफ सप्लाई के बजाय लोगों के घरों के नलों से बदबूदार और दूषित पानी आ रहा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन समय रहते किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि यह जानलेवा संक्रमण एक घर से दूसरे घर होते हुए पूरे गांव में फैल गया और आज लगभग हर गली में बच्चे बीमार पड़े हैं।
पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे आदित्य सुरजेवाला, सरकार को घेरा
इस त्रासदी की सूचना मिलते ही स्थानीय कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला रविवार को सजूमा गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित गलियों का दौरा किया, बीमार बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और मृतका रितिका के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। सुरजेवाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार राज्य की जनता को पीने का साफ पानी तक मुहैया नहीं करा सकती, उसे सत्ता की कुर्सी पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसरों की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान गई है और दर्जनों बच्चे जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं।
मुआवजे की मांग और विधानसभा में घेरने की चेतावनी
विधायक सुरजेवाला ने सरकार से मांग की है कि मृतका रितिका के परिवार को तुरंत उचित और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही जितने भी बच्चे इस समय अस्पतालों या घरों में उपचाराधीन हैं, उन्हें बेहतर और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह सीधे तौर पर प्रशासनिक हत्या का मामला है, इसलिए दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सुरजेवाला ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सजूमा गांव के साथ हुई इस नाइंसाफी और दूषित पानी के मुद्दे को वे आगामी विधानसभा सत्र में पूरी ताकत से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।
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