July 2, 2026

Narnaul Weather News: नारनौल में मानसून की पहली बारिश ने दी राहत, लेकिन दावों की खुली पोल, समंदर बनीं सड़कें

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Narnaul Weather News: नारनौल में मानसून की पहली बारिश ने दी राहत, लेकिन दावों की खुली पोल, समंदर बनीं सड़कें

नारनौल में मानसून की पहली बारिश ने दी राहत

Narnaul Weather News (सोनल यादव) दक्षिण हरियाणा के नारनौल में गुरुवार सुबह मानसून ने अपनी पहली दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। पिछले कई दिनों से उमस और चिलचिलाती गर्मी झेल रहे शहरवासियों के लिए सुबह की शुरुआत बेहद सुहावनी रही। लेकिन, कुदरत की यह मेहरबानी चंद घंटों में ही स्थानीय प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन गई। बारिश की पहली ही परीक्षा में नगर परिषद का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और पॉश कॉलोनियों से लेकर निचले इलाकों तक में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए, जिससे आम जनता का घरों से निकलना दूभर हो गया।

तड़के 3:30 बजे शुरू हुआ दौर, सुबह 8 बजे तक 25 एमएम बारिश दर्ज

मौसम विज्ञानियों और स्थानीय आंकड़ों के मुताबिक, बारिश का दौर गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे ही हल्की फुहारों के साथ शुरू हो गया था। इसके बाद सुबह करीब 8 बजे बादलों ने दोबारा डेरा डाला और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। महज कुछ ही घंटों में नारनौल शहर में करीब 25 मिलीमीटर (एमएम) बारिश रिकॉर्ड की गई। इस लगातार हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और कामकाजी लोगों व स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ऑफिसर कॉलोनी डूबी, दुकानों और मकानों में घुसा गंदा पानी

बारिश थमने के बाद जब ‘जग मार्ग’ की टीम ने शहर का रुख किया, तो महावीर चौक, पार्क गली, पुरानी कचहरी, शनि मंदिर क्षेत्र, सैन चौक और रविदास मंदिर मार्ग पानी से लबालब नजर आए। हैरान करने वाली बात यह रही कि शहर की वीआईपी मानी जाने वाली ऑफिसर कॉलोनी के मकानों में भी पानी घुस गया। इसके अलावा, मोहल्ला नई सराय के पास स्थित माता मसानी जोहड़ पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका और ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगा। मुख्य गंदे नाले की सफाई न होने से मोडावाला मंदिर और जमालपुर मोहल्ले की गलियों में सीवरेज का गंदा पानी बैक मार गया, जिससे चारों तरफ बदबू और गंदगी फैल गई।

“प्रशासन सोता रहा, हम भुगत रहे हैं” – भड़के स्थानीय निवासी

शहर के इस बदहाल मंजर को लेकर स्थानीय नागरिकों में नगर परिषद के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहल्ले के निवासी नितेश कुमार, जय सिंह, जयनारायण प्रजापत और दिनेश कुमार ने सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को इस जलभराव का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हर साल दावों की बड़ी-बड़ी फाइलें बनती हैं, लेकिन मॉनसून से पहले गंदे नालों की तसल्लीबख्श सफाई कभी नहीं की जाती। नागरिकों ने जिला प्रशासन से दो टूक मांग की है कि अभी तो मानसून की शुरुआत है, अगर जल्द ही युद्ध स्तर पर नालों को साफ नहीं किया गया और जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो आने वाले दिनों में पूरा नारनौल टापू बन जाएगा।

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