Kurukshetra News: बिजली निगम की चारों यूनियनों का रोष प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
प्रदेश सरकार पर गरजी बिजली निगम की चार यूनियन कर्मचारी व अधिकारियों की यूनियन ने संयुक्त रूप से किया प्रदर्शन
Kurukshetra News: हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कुरुक्षेत्र में बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। सेक्टर-8 स्थित विद्युत सदन परिसर में निगम की चारों यूनियनों ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ इंजीनियरों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हुंकार भरते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा।
सभा में वक्ताओं ने सरकार की निजीकरण नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए स्पष्ट किया कि बिजली महकमे में कॉरपोरेट दखल को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निजीकरण, पुरानी पेंशन और पक्के रोजगार को लेकर मोर्चाबंदी
संयुक्त मोर्चा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कई प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। मोर्चा ने हरियाणा एग्री डिस्काम (Agri Discom) के गठन और गुरुग्राम तथा नूंह क्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।
इसके अलावा, कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी 2019 में व्यावहारिक संशोधन, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समाप्ति, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, डीसी रेट व हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण एवं समान काम-समान वेतन लागू करना शामिल है। साथ ही, फील्ड में जोखिमभरा काम करने वाले सभी कर्मियों के लिए जोखिम भत्ता, हरियाणा पावर यूटिलिटी में आरक्षण नीति का पारदर्शी क्रियान्वयन और कर्मचारियों के लिए पूर्ण कैशलेस मेडिकल पॉलिसी लागू करने पर जोर दिया गया।
मांगें न मानी गईं तो ठप होगी बिजली व्यवस्था: कृष्ण चौहान
प्रदर्शन की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र सर्कल के सचिव कृष्ण चौहान ने की, जबकि मंच संचालन पेहोवा यूनिट के रणजीत सिंह ने संभाला। जनसभा को संबोधित करते हुए सर्कल सचिव कृष्ण चौहान ने सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रदेश सरकार ने संयुक्त मोर्चा की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्य भर के बिजली कर्मचारी प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल में हिस्सा लेंगे, जिसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
इंजीनियरों और कर्मचारी संगठनों का मिला भरपूर समर्थन
इस रोष प्रदर्शन में इंजीनियर एसोसिएशन और कर्मचारी संघों का मजबूत समन्वय देखने को मिला। प्रदर्शन में इंजीनियर एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में अधीक्षण अभियंता (SE) मदन गोपाल जिंदल, अधिशासी अभियंता (XEN) महताब सिंह, हिमांशु पवार, उपमंडल अधिकारी (SDO) सुभाष पान्नू सहित पिपली सब-यूनिट के प्रधान रविंद्र सैनी, प्रिंस भूरा, अभिषेक, दलबीर सिंह, अमन सिंगला, वेद प्रकाश गुप्ता, अमनदीप, सुभाष, संदीप पहुजा, दीपक, नितिन वर्मा, नरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कंबोज, शिव कुमार, रमेश कुमार, अनुज कौशिक और जोगिंद्र सिंह मौजूद रहे।
वहीं, सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामनाथ, महासचिव नरेश कुमार, विजय कुमार तथा एचएसईबी वर्कर यूनियन के यूनिट सचिव दिनेश कौशिक, बलबीर रंगा, सुखबीर संधु, श्याम सुंदर, विकास पाल, मुकेश गुप्ता, अशोक कुमार, कीर्ति, संजीव, नरेंद्र और पुनीत समेत बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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