Loharu Bar Association Protest: NEET पेपर लीक के खिलाफ लोहारू के वकील सड़कों पर, शनिवार को दिल्ली जंतर-मंतर कूच का ऐलान
लोहारू के सैकड़ों वकील जाएंगे जंतर-मंतर, छात्रों के आंदोलन को देंगे पूर्ण समर्थन
Loharu Bar Association Protest: देश भर की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित घोटालों और अनियमताओं को लेकर वकीलों का गुस्सा भी चरम पर पहुंच गया है। भिवानी जिले की लोहारू बार एसोसिएशन ने NEET और CUET जैसी परीक्षाओं में सामने आई धांधली के खिलाफ शुक्रवार को अदालती कामकाज से इतर विरोध प्रदर्शन किया।
वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमंडलाधीश (SDM) मनोज दलाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू करने की मांग की गई है।
प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अधिवक्ताओं ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि शनिवार को लोहारू से सैकड़ों की संख्या में वकील दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना होंगे, ताकि वहां अनशन और धरने पर बैठे छात्रों के आंदोलन को सीधे धरातल पर समर्थन दिया जा सके। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि देश के लाखों होनहार विद्यार्थियों के सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था को बहाल कराने की कानूनी और नैतिक लड़ाई है।
“सालों की मेहनत पर पानी फेर रहा भ्रष्टाचार, परीक्षा प्रणाली की साख दांव पर”
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में जिस प्रकार लगातार पेपर लीक और फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं, उससे लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का देश की समूची व्यवस्था पर से विश्वास उठ चुका है। वकीलों ने जोर देकर कहा कि विद्यार्थी कई सालों तक रात-दिन एक करके कठिन तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा केंद्र से निकलकर उन्हें धांधली की खबर मिलती है, तो उनका भविष्य गहरे अंधकार में डूब जाता है।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि निष्पक्ष, पारदर्शी और धांधली-मुक्त परीक्षाएं आयोजित कराना केंद्र सरकार की प्राथमिक तथा संवैधानिक जिम्मेदारी है। ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
20 जुलाई लाठीचार्ज के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने संभाली कमान
ज्ञापन में 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च कर रहे निहत्थे और शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज व अत्यधिक बल प्रयोग का भी प्रमुखता से जिक्र किया गया है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि आंदोलनकारी विद्यार्थियों पर पुलिसिया अत्याचार करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ अविलंब निष्पक्ष जांच बिठाई जाए और उन पर कड़ा कानूनी मामला दर्ज किया जाए।
यह पूरा प्रदर्शन सीनियर एडवोकेट शीशराम और आर.के. पावड़िया के साझा नेतृत्व में आयोजित किया गया था। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट सुरेंद्र चौधरी, संजय श्योराण, कुलदीप मान, प्रदीप सांगवान, रामनारायण, प्रियंक महला, मनोज सैनी, मनजीत और नरेश समेत लोहारू बार के दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।
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