Ludhiana School Bus Accident: लुधियाना में स्कूल बस की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की मौत, इलाके में तनाव का माहौल
स्कूल बस की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की मौत
Ludhiana School Bus Accident: लुधियाना के कोहाड़ा क्षेत्र स्थित गांव शालू भैणी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 3 वर्षीय मासूम समरदीप की स्कूल बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। बच्चा अपनी मां अमनदीप के साथ बड़ी बहन रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने घर के बाहर आया था। हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने बस चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था, चालक की पात्रता और बच्चों को चढ़ाने-उतारने के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन होता तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
बहन को बस में बैठाते समय हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7 बजे अमनदीप अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर आई थीं। उनके साथ तीन वर्षीय समरदीप भी था। बताया गया कि बेटी के बस में बैठने के दौरान समरदीप बस के आगे की ओर चला गया। इसी बीच चालक ने बस आगे बढ़ा दी। चालक को बस के सामने मौजूद बच्चा दिखाई नहीं दिया और वह बस की चपेट में आ गया।
परिजनों का आरोप- चालक बस लेकर भागने लगा
मां अमनदीप का कहना है कि बस का अगला और फिर पिछला टायर भी बच्चे के ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद चालक बस रोकने के बजाय मौके से निकल गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
चाचा ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मृतक के चाचा रशपिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल बस में बच्चों को सुरक्षित चढ़ाने और उतारने के लिए कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि बस चला रहा युवक करीब 19 वर्ष का है। जब उससे ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के लिए कहा गया तो उसने बताया कि लाइसेंस की फोटो मोबाइल में है, लेकिन मोबाइल टूट जाने के कारण वह उसे नहीं दिखा सका। इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
स्कूल बस की स्थिति और दस्तावेजों पर भी सवाल
रशपिंदर सिंह ने कहा कि संबंधित स्कूल कंडियाना कलां में संचालित है और उसकी बस की हालत भी ठीक नहीं थी। उन्होंने सभी स्कूल बसों की जांच कराने और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बस हरियाणा पंजीकरण की थी और उसके पीछे नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। उनका कहना है कि इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने जांच शुरू की
थाना कुमकलां के हेड कॉन्स्टेबल जगतार सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं होने या किसी प्रकार की लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
