Child Labour Rescue: लुधियाना में दो फैक्ट्रियों से 19 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू, बाल श्रम कराने के आरोप में दो मालिकों पर केस
लुधियाना में दो फैक्ट्रियों से 19 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू
Child Labour Rescue: पंजाब के लुधियाना में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फैक्ट्रियों से 19 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया है। कार्रवाई के बाद थाना जोधेवाल पुलिस ने दोनों फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ बाल श्रम और किशोर न्याय कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सुपुर्द कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता रीतू, जो बचपन बचाओ संस्था में प्रोजेक्ट अधिकारी हैं, ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने बाल श्रम की शिकायत मिलने के बाद संबंधित फैक्ट्रियों में निरीक्षण किया। जांच के दौरान नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि होने पर तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
दो फैक्ट्रियों से 19 बच्चों को कराया गया मुक्त
शिकायत के अनुसार टीम ने 12 जुलाई 2026 को गिल नहर क्षेत्र स्थित न्यू लाइज्ड इंटरप्राइजेज फैक्ट्री में छापेमारी की। वहां से 17 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। इसके बाद मुक्त होजरी वर्क्स में भी जांच की गई, जहां दो अन्य नाबालिग बच्चे काम करते मिले। इस तरह कुल 19 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को आगे की देखभाल और कानूनी प्रक्रिया के लिए गिल नहर स्थित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) कार्यालय भेजा गया। वहां बच्चों की काउंसलिंग, पहचान और आवश्यक संरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। संबंधित एजेंसियां बच्चों के परिवार और उनकी परिस्थितियों की भी जांच करेंगी।
मालिकों पर एफआईआर दर्ज
थाना जोधेवाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर न्यू लाइज्ड इंटरप्राइजेज और मुक्त होजरी वर्क्स के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों पर बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 3 और 14 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 और 79 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नाबालिग बच्चों से काम कराने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी चलता रहेगा।
