July 21, 2026

मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन की खोली पोल

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मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन की खोली पोल

मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन की खोली पोल

जगमार्ग ब्यूरो नारनौल। मानसून की पहली तेज बारिश ने ही प्रशासन की पोल खोल कर रखी दी। आज सुबह क्षेत्र में हुई बारिश से नारनौल शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। नीचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। इससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव की समस्या शहर के अंदर ही नहीं बल्कि जिला उपायुक्त के आवास में भी जलभराव हो गया लेकिन वहां पर मोटर से पानी को बाहर निकाला जा रहा। लेकिन उपायुक्त को शहर के जलभराव निकासी की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बता दें कि प्रति वर्ष मानसून आने से कुछ दिन पहले सरकार संबंधित विभागों को नाली, नालों और सीवरेज की सफाई करने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाते हैं ताकि बारिश होने पर जलभराव न हो। लेकिन प्रशासन हर बार की तरह इस बार भी नालों की नाममात्र की  सफाई करवाकर इतिश्री कर ली। लेकिन शहर का सबसे बड़ा गंदा नाले की सफाई आज तक नहीं हुई है। इसके अलावा हर बार शहर के विभिन्न स्थानों पर होने वाले जलभराव की निकासी की व्यवस्था भी नहीं की गई।

शहर के इन स्थानों पर हुआ जलभराव:

मानसून से पहले नगरपरिषद की ओर से करवाई गई नालों और  सीवरेज की सफाई  के दावे पहली बारिश में फेल होते नजर आ रहे है। इस वजह से शहर के सैन चौक, जमालपुर, पुरानी सराय, रविदास मंदिर मार्ग,पुरानी कचेड़ी के पास, श्याम कॉलोनी, नई अनाज मंडी,  पार्क गली, नलापुर, मोहल्ला रावका सहित अन्य स्थानों पर जलभराव हो गया।

मुख्यमंत्री ने नालों की सफाई के दिए थे आदेश:

मानसून शुरू होने से पहले सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सभी उपायुक्त और उपमंडल अधिकारी नागरिक को शहर के सीवरेज और नालों की साफ सफाई करवाने के आदेश दिए थे। साथ ही मौके पर जाकर चेक करने के लिए भी कहा गया था। बावजूद इसके पानी निकासी को लेकर शहर के हालात बहुत दयनीय बने हुए हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके आदेशों की कोई परवाह नहीं है।

उमस भरी गर्मी से मिली राहत:

पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रवासियों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी की वजह से एसी और कूलर भी फेल नजर आ रहे थे।  आज सुबह लगभग एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। उसके बाद भी लगभग डेढ़ बजे तक हलकी-हलकी बूंदाबादी जा रही रही। बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

अटेली में भी हुई भारी बारिश:

क्षेत्र में सुबह से हो रही झमाझम बरसात ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक तरफ जहां खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका के जल निकासी के दावों की भी पोल खुल गई है। भारी बारिश के चलते शहर के मुख्य चौराहों और रास्तों पर दो-दो फीट तक पानी खड़ा नजर आया, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पीएम श्री स्कूल मॉडल संस्कृति स्कूल

के सामने, पुरानी मंडी मंडी के चारों गेटों के बाहर , राधा कृष्ण मंदिर रोड, पशु अस्पताल, श्मशान घाट रोड तथा रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

इसके अलावा रेलवे रोड, नारनौल रोड, रेवाड़ी रोड, नई अनाज मंडी और नए बस स्टैंड के सामने भी चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन कागजी दावे तो बहुत करता है, लेकिन धरातल पर उनका कोई असर नहीं दिखाई देता। किसानों का भी मानना है कि यदि खेतों से समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई, तो उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

क्षेत्र के लोगों और किसानों ने सरकार तथा स्थानीय प्रशासन से पानी निकासी समाधान की अपील की है।

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