Monsoon India 2026: देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय, तेज बारिश से गाजियाबाद में सड़क धंसी, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हाईवे बंद
देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय
Monsoon India 2026: देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार को मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया। सामान्य तौर पर मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक दिन की देरी हुई। इसके साथ ही उत्तर भारत से लेकर पश्चिम, दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का दौर तेज हो गया है।
लगातार हो रही बारिश का असर कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल में जलभराव, सड़क धंसने, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान भी जारी है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी में बारिश से जनजीवन प्रभावित
दिल्ली में बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं, जबकि जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला।
आईएमडी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के तुखमीरपुर में सबसे अधिक 160 मिमी बारिश दर्ज की गई। सफदरजंग में 72.6 मिमी, मयूर विहार में 103 मिमी, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 90 मिमी, महरौली में 86 मिमी और लोधी रोड व पूसा में 83 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा और बुलंदशहर समेत करीब 50 शहरों में तेज बारिश हुई। नोएडा की कई सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया।
गाजियाबाद में सड़क धंसी, कार और स्कूटर गड्ढे में गिरे
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के बीच गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित अटल चौक के पास सड़क अचानक धंस गई। करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बनने से एक कार और एक स्कूटर उसमें गिर गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासन ने इलाके को घेरकर यातायात डायवर्ट किया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से यमुनोत्री हाईवे बंद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी और नालूपानी के पास भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी। अधिकारियों के अनुसार, करीब एक हजार यात्री मार्ग में फंस गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की गई है। वहीं टिहरी जिले में एनएच-707ए पर हुए भूस्खलन में एक मकान गिर गया, जबकि आसपास के अन्य मकानों पर भी खतरा बना हुआ है।
राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल में भी बारिश का असर
राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में भारी बारिश के कारण एक मकान ढह गया। मलबे में फंसे पति-पत्नी समेत अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में पातालगंगा नदी में करीब तीन हजार एलपीजी सिलेंडर बह गए। वहीं ठाणे जिले में बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है। 229 परिवारों के 797 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में कचरे का बड़ा ढेर इमारत पर गिरने के बाद राहत अभियान जारी है। अब तक नौ लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है और बचाव दल अन्य लोगों की तलाश में जुटा है।
केरल में इमारत का हिस्सा गिरा, वायनाड में राहत अभियान जारी
केरल के कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर करीब 100 वर्ष पुरानी घंटाघर इमारत का एक हिस्सा प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक पर गिर गया। उस समय प्लेटफॉर्म पर यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी के मलबे की चपेट में नहीं आने से बड़ा हादसा टल गया। वहीं वायनाड में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार मलबे से तीन और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। अभी भी दो लोगों की तलाश जारी है।
लैंडस्लाइड से रेलवे सेवाएं भी प्रभावित
महाराष्ट्र के लोनावला-करजत घाट सेक्शन में भूस्खलन के बाद रेलवे ट्रैक से मलबा हटाने का काम जारी है। सेंट्रल रेलवे ने 9 जुलाई की सात और 10 जुलाई की एक ट्रेन रद्द कर दी है। रेलवे के अनुसार 1100 से अधिक कर्मचारी ट्रैक बहाल करने में लगे हुए हैं। यात्रियों से घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
