Narnaul News: नारनौल सैनी सभा में महासचिव पद की नियुक्ति पर बढ़ा विवाद, 150 से अधिक सदस्यों ने प्रधान को सौंपा ज्ञापन
नारनौल सैनी समाज ने बुलाई कॉलेजियम बैठक की मांग
Narnaul News: सैनी सभा (रजि.) नारनौल की आंतरिक राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया, जब महासचिव पद पर की गई नई नियुक्ति को लेकर समाज के प्रबुद्ध और कार्यकारिणी सदस्य आमने-सामने आ गए। त्रैवार्षिक चुनाव में चुने गए महासचिव जय सिंह सैनी द्वारा व्यक्तिगत कारणों से त्यागपत्र दिए जाने के बाद कार्यकारिणी ने रेनू दहिया को महासचिव मनोनीत कर दिया था। इस फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए सभा के 83 कॉलेजियम सदस्यों और 67 आजीवन सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है।
सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सभा के प्रधान हरीश सैनी को एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि असंवैधानिक तरीके से की गई इस नियुक्ति को तुरंत रद्द किया जाए और संस्था के संविधान की धारा 10(ii) के तहत कॉलेजियम एवं समाज की आम सभा की आपात बैठक बुलाई जाए।
संविधान के नियमों की अनदेखी का आरोप, सचिव को प्रभार देने की मांग
प्रधान को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व अधिकारियों और सदस्यों ने सभा के संविधान का हवाला दिया है। विरोध जता रहे सदस्यों का कहना है कि संविधान की धारा 18 के भाग 4 (बी) में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि महासचिव का पद रिक्त होता है या वे अनुपस्थित रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में कार्यभार स्वयं सचिव को सौंपा जाना चाहिए था। सीधे तौर पर नए व्यक्ति को महासचिव की कुर्सी पर बैठाना नियमों का उल्लंघन है।
प्रदर्शनकारी सदस्यों की प्रमुख मांग है कि जब तक रिक्त हुए महासचिव पद और तीन खाली पड़े कॉलेजियम सदस्यों के पदों पर विधिवत चुनाव नहीं करा लिए जाते, तब तक महासचिव की जिम्मेदारी सचिव को ही सौंपी जाए। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से समाज में गलत संदेश जा रहा है, इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द पूरी आम सभा बुलाई जानी चाहिए।
‘नियुक्ति नियम कायदों के तहत ही हुई’—प्रधान ने दी सफाई
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद पर सैनी सभा के प्रधान हरीश सैनी का रुख भी सामने आया है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रेनू दहिया की महासचिव पद पर नियुक्ति सभा के संविधान के दायरे में रहकर ही की गई है। प्रधान ने आश्वासन दिया कि सदस्यों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर भी जो भी कदम उठाया जाएगा, वह संस्था के संविधान के नियमों के अनुसार ही होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई वरिष्ठ एवं पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें पूर्व उपप्रधान रोहताश सैनी, पूर्व महासचिव सुरेंद्र कुमार सैनी एडवोकेट, पूर्व कैशियर रामनिवास सैनी, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य कप्तान हरीश सैनी, पूर्व पार्षद दिनेश सैनी के साथ-साथ प्रेम कुमार, बाबूलाल सैनी, शिवकुमार सैनी, शिवचरण सैनी, पवन सैनी, नरेश सैनी, विक्रम सैनी, दुलीचंद सैनी, बंसीलाल सैनी, धर्मसिंह सैनी और मानसिंह सैनी समेत बड़ी संख्या में कॉलेजियम सदस्य शामिल थे।
