Political Update: संसद परिसर में पप्पू यादव का सांकेतिक प्रदर्शन, सिर पर पट्टी बांधकर लाठी लेकर पहुंचे
संसद में सिर पर पट्टी बांधकर लाठी लेकर पहुंचे पप्पू यादव
Political Update: मंगलवार को संसद परिसर में पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अलग अंदाज में नजर आए। वह सिर पर पट्टी बांधकर और हाथ में लाठी लेकर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन किया। संसद परिसर में उनके इस विरोध ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।
पप्पू यादव ने कहा कि छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है और उसी के विरोध में उन्होंने यह प्रतीकात्मक तरीका अपनाया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ सख्ती बरती जा रही है, जिसे लेकर वह अपनी आवाज उठा रहे हैं।
लाठी लेकर संसद पहुंचने पर दिया जवाब
संसद परिसर में लाठी लेकर पहुंचने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, “यह तो दिखाना होगा कि छात्रों को लाठी से मारा जा रहा है। बिहार में तो एके-47 से छात्रों को मारा जा रहा है।” यह बयान उन्होंने छात्रों पर कथित कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए दिया। उन्होंने अपने आरोपों में यह भी कहा कि केवल छात्रों के साथ ही नहीं, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ भी पुलिस ने कथित तौर पर हाथापाई की।
धर्मेंद्र प्रधान को ‘पाग’ पहनाने पर भी जताई आपत्ति
पप्पू यादव ने बिहार के दरभंगा से भाजपा सांसद गोपालजी ठाकुर पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ‘पाग’ पहनाकर मिथिला की परंपरा का अपमान किया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। ‘पाग’ मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक और सम्मान का प्रतीक मानी जाने वाली टोपी है। इसे विशेष अवसरों पर सम्मान स्वरूप पहनाया जाता है।
क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे थे। इस दौरान भाजपा के कुछ सांसदों ने उनका स्वागत किया। दरभंगा से सांसद गोपालजी ठाकुर ने उन्हें मिथिला की पारंपरिक ‘पाग’ पहनाकर सम्मानित किया था। इसी घटनाक्रम को लेकर पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी और राजनीतिक टिप्पणी की।
