Rajound International Yoga Day: राजौंद (नरेश कुमार) सुबह की खिली धूप और शंखनाद की पवित्र गूंज के बीच आज राजौंद के जखौली स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का प्रांगण एक वृहद योग केंद्र के रूप में बदला नजर आया। अवसर था 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का, जिसे लेकर ग्रामीण अंचल के लोगों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। इस खंड स्तरीय मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी ने जहां खुद मैट पर बैठकर प्राणायाम किया, वहीं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए इसे “स्वस्थ और सशक्त समाज” की पहली सीढ़ी बताया।
पंडाल में बिछी चटाइयों पर एक ओर नन्हे स्कूली बच्चे अनुशासित मुद्रा में बैठे थे, तो दूसरी ओर इलाके के बुजुर्ग और मातृशक्ति भी योग की विभिन्न विधाओं को सीखने के लिए बेहद उत्सुक दिखी।
सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक शंखनाद
सभा में मौजूद लोगों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देते हुए ज्योति सैनी ने कहा कि योग हमारी ऋषि-परंपरा की वह अमूल्य धरोहर है, जो सदियों से भारत की पहचान रही है। लेकिन इसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने और हर साल 21 जून को पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों को जाता है। उन्होंने कहा:
“यह देखना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है कि आज जब हम राजौंद में आसन लगा रहे हैं, ठीक इसी समय दुनिया के सैकड़ों देशों में करोड़ों लोग हमारी इस विधा को नमन कर रहे हैं। योग ने वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक साख को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।”
प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में नंबर वन बनाने की कवायद
हरियाणा सरकार की खेल और स्वास्थ्य नीतियों का जिक्र करते हुए जिला अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार योग को केवल शहरों तक सीमित न रखकर ग्रामीण अंचलों की चौपालों और सरकारी स्कूलों तक ले जा रही है। इसके लिए प्रदेश भर में आधुनिक योगशालाओं का निर्माण कराया गया है ताकि “स्वस्थ हरियाणा” का सपना साकार हो सके। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि वे जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मकता चाहते हैं, तो उन्हें आज ही से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करना होगा।
कटी चालन से लेकर ध्यान तक का सफर
समारोह के दौरान मंच से प्रशिक्षित योग गुरुओं के निर्देशन में प्रोटोकॉल के तहत योगासनों की शुरुआत की गई। उपस्थित साधकों को पहले सूक्ष्म व्यायाम और कटी चालन कराया गया, जिसके बाद वृक्षासन, त्रिकोणासन और बैठकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास हुआ। सत्र के अंतिम चरण में कराए गए अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम ने पूरे माहौल को असीम शांति से भर दिया।
कार्यक्रम के सफल समापन पर मुख्य अतिथि और स्कूल प्रबंधन द्वारा योग शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से सुशील पांचाल, नफे सिंह मदानिया, अरुण पंवार, अनिल सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुहिम को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

