Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा का क्या है रहस्य? पिहोवा में महंत भीम पुरी ने बताया सच
गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा का क्या है रहस्य?
Gupt Navratri: आषाढ़ मास के पावन दिनों में अध्यात्म और तंत्र-साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पिहोवा के नजदीकी गांव धनीराम पुरा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में इन दिनों गुप्त नवरात्रि के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के चलते अलसुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इसी सिलसिले में आयोजित एक धार्मिक सभा के दौरान मंदिर के महंत भीम पुरी महाराज ने उपस्थित संगत को ज्ञानगंगा से सराबोर किया। अपने प्रवचन में उन्होंने गुप्त नवरात्रि की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि इन विशेष दिनों का सीधा संबंध सनातन धर्म की परम शक्तिशाली दस महाविद्याओं से है, जो साधक के जीवन के समस्त कष्टों को हरने की क्षमता रखती हैं।
सामान्य और गुप्त नवरात्रि में अंतर: दुर्गा के 9 रूप बनाम 10 उग्र महाविद्याएं
महंत भीम पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं की शंकाओं का समाधान करते हुए बताया कि आम दिनों (चैत्र और शारदीय) में मनाए जाने वाले नवरात्रों में जहां जगत जननी मां दुर्गा के नौ सौम्य रूपों की सार्वजनिक पूजा की जाती है, वहीं आषाढ़ और माघ के महीनों में आने वाले गुप्त नवरात्रि पूरी तरह तंत्र, कठिन साधना और अलौकिक सिद्धियों के लिए समर्पित होते हैं। इन दिनों में माता के दस उग्र और अत्यंत दिव्य स्वरूपों— मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला की विशेष आराधना की जाती है। महंत ने जोर देकर कहा कि इस साधना की पहली और सबसे बड़ी शर्त ही ‘गोपनीयता’ है। साधक अपनी पूजा और मंत्र जाप को जितना छिपाकर रखेगा, उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा उतनी ही प्रबल होगी और उसे उतनी ही जल्दी सफलता मिलेगी।
संन्यासियों और गृहस्थों के लिए अलग-अलग नियम, 23 जुलाई को होगा समापन
प्रवचनों की कड़ी में महंत जी ने गृहस्थ जीवन व्यतीत करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कहा कि जहां महाविद्याओं की कुछ साधनाएं बेहद उग्र और कठिन होती हैं, जिन्हें केवल योग्य गुरु के सानिध्य में संन्यासी या अघोरी ही करते हैं, वहीं आम पारिवारिक लोगों के लिए मां भुवनेश्वरी, मां मातंगी और मां कमला की भक्ति को सबसे सहज, सुरक्षित और शुभ फलदायी माना गया है। इनकी आराधना से घर में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य और शांति का वास होता है। आपको बता दें कि इस बार आषाढ़ मास के ये गुप्त नवरात्रि आगामी 23 जुलाई, गुरुवार को पूर्ण आहुति और महाप्रसाद वितरण के साथ विधिवत संपन्न हो जाएंगे, जिसे लेकर मंदिर प्रबंधन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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