क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे रोहित और कोहली? वेंकटेश प्रसाद ने दिया साफ जवाब
इंग्लैंड से सीरीज हारने के बाद रोहित-कोहली पर बड़ी बात, 2027 वर्ल्ड कप तक खेलने का समर्थन
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और KSCA अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों दिग्गजों ने अपने संन्यास का फैसला खुद लेने का अधिकार अर्जित किया है और उन्हें 2027 वनडे विश्व कप तक टीम में बने रहना चाहिए। यह बयान लॉर्ड्स वनडे में रोहित के शानदार शतक के बाद आया है।
प्रसाद ने दोनों खिलाड़ियों के 2027 वनडे विश्व कप तक टीम में बने रहने की जरूरत बताई। उन्होंने रोहित के लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में लगाए गए शतक का हवाला देते हुए कहा कि इस पारी से साफ है कि अनुभवी बल्लेबाज के अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है।
‘उन्हें खुद फैसला लेने की आजादी मिलनी चाहिए’
वेंकटेश प्रसाद ने ANI से कहा, “100%। मैंने हमेशा यही कहा है। उन्हें यह आज़ादी दी जानी चाहिए। उन्होंने खेल से संन्यास लेने का फ़ैसला खुद करने का हक कमाया है। मुझे नहीं लगता कि किसी को भी उन पर ऐसा फ़ैसला लेने के लिए दबाव डालना चाहिए।”
उन्होंने आगे रोहित की लॉर्ड्स में खेली गई पारी का जिक्र करते हुए कहा कि 2027 विश्व कप के आखिर तक विराट और रोहित दोनों का टीम में होना जरूरी है। प्रसाद की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दोनों खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
लॉर्ड्स में रोहित ने शतक से दिया जवाब
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 17 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ वह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए।
रोहित का 138 रन का स्कोर इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे बड़ा वनडे स्कोर भी रहा। उन्होंने 2018 में ट्रेंट ब्रिज में बनाए अपने ही नाबाद 137 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
भारत 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय मजबूत स्थिति में था। रोहित ने कप्तान शुभमन गिल के साथ 147 रन की ओपनिंग साझेदारी की, जबकि विराट कोहली के साथ उन्होंने 113 रन जोड़े। गिल ने 77 रन बनाए और कोहली ने 60 गेंदों पर 74 रन की पारी खेली।
304/2 से ऑलआउट हुआ भारत
भारत का स्कोर एक समय 304/2 था और टीम लक्ष्य के करीब पहुंचती दिखाई दे रही थी। हालांकि, इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 27 रन से लक्ष्य से दूर रहते हुए ऑलआउट हो गई।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387/3 का मजबूत स्कोर बनाया था। बेन डकेट ने 141 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाए। जो रूट 74 रन बनाकर नाबाद रहे और जोस बटलर ने नाबाद 41 रन का योगदान दिया। इसके बाद सैम करन ने चार विकेट लेकर भारत की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई और इंग्लैंड ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
रोहित ने भी साफ किया- मेरा काम बल्ले से खेलना है
सीरीज हारने के बाद रोहित शर्मा ने अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी प्रतिक्रिया दी। BCCI द्वारा साझा किए गए वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका काम बल्ले से खेलना और देश तथा टीम का प्रतिनिधित्व करना है।
रोहित ने कहा, “मेरा काम बल्ले से खेलना है। आकर खेलना, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना, टीम का प्रतिनिधित्व करना। डेब्यू के समय से ही मुझे यही करने के लिए कहा गया है। तो मैं वही करने जा रहा हूं।”
39 वर्षीय रोहित ने बाहरी आलोचना को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आलोचना उनके करियर का हिस्सा रही है और आगे भी रहेगी, लेकिन उनके लिए सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि वह मैदान पर क्या करते हैं और टीम की सफलता में कितना योगदान देते हैं।
हिमाचल में स्कूलों पर मौसम की मार, कहीं गर्मी तो कहीं भारी बारिश के कारण बंद हुए संस्थान
2027 विश्व कप तक खेलेंगे रोहित और कोहली?
रोहित और विराट कोहली अब भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं। ऐसे में दोनों के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है। हालांकि, वेंकटेश प्रसाद का मानना है कि दोनों को अपने संन्यास का फैसला खुद करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
प्रसाद के बयान और लॉर्ड्स में रोहित की 138 रन की पारी ने 2027 वनडे विश्व कप में दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की संभावित भूमिका पर चर्चा फिर तेज कर दी है। फिलहाल, दोनों के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं के स्तर पर ही होगा।
भारत को अब 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। उम्मीद है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली इस सीरीज के जरिए फिर अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में नजर आएंगे।
