July 15, 2026

Love Story: न भाषा की दीवार, न सरहदों का पहरा; वियतनाम की लड़की को दिल दे बैठा कांगड़ा का छोरा

0
Love Story: न भाषा की दीवार, न सरहदों का पहरा; वियतनाम की लड़की को दिल दे बैठा कांगड़ा का छोरा

भारतीय लहंगे में सजी विदेशी दुल्हन, जवाली के रजत और वियतनामी युवती की शादी की तस्वीरें वायरल

Love Story: प्यार की कोई सीमा नहीं होती और न ही यह किसी भौगोलिक सरहद को मानता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है वियतनाम की एक युवती और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक युवक ने।

उपमंडल जवाली के तहत आने वाली अमलेला पंचायत के रहने वाले रजत और वियतनाम की एचजिमवाया की प्रेम कहानी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों ने फतेहपुर के प्रसिद्ध श्री नृसिंह मंदिर ठाकरां में एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। पंडित योगराज शर्मा ने पूरी मर्यादा और वैदिक रीति-रिवाज के साथ इस अंतरराष्ट्रीय विवाह की रस्मों को संपन्न कराया।

इंटरनेट पर हुई थी मुलाकात, ऐसे परवान चढ़ा प्यार

पेशे से कामकाजी रजत भारत की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, वहीं एचजिमवाया भी वियतनाम की एक प्राइवेट फर्म में काम करती हैं। कुछ समय पहले इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दोनों का संपर्क हुआ था।

शुरुआत में बातचीत का सिलसिला दोस्ती तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों की पसंद और विचार मिलने लगे और यह दोस्ती गहरे प्यार में तब्दील हो गई। भाषा और रहन-सहन का अंतर होने के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुनने का फैसला किया। सबसे सुखद बात यह रही कि दोनों के परिवारों ने इस रिश्ते को सहर्ष स्वीकार कर लिया।

भारतीय वेशभूषा में सजी विदेशी दुल्हन को देखने उमड़े लोग

जब वियतनाम की एचजिमवाया पारंपरिक भारतीय दुल्हन के जोड़े में सजीं, तो उनकी खूबसूरती देखते ही बन रही थी। लाल जोड़े, गहनों और मांग में सिंदूर सजाए विदेशी दुल्हन को देखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की खासी भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई।

शादी की रस्मों के दौरान एचजिमवाया भारतीय परंपराओं को लेकर काफी उत्सुक और खुश नजर आ रही थीं। रजत के पिता सरताज सिंह ने अपनी इस विदेशी बहू का घर में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और नवविवाहित जोड़े को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

दो अलग संस्कृतियों के अनूठे समन्वय की मिसाल

यह अनोखा विवाह केवल दो दिलों का मिलन नहीं, बल्कि दो बिल्कुल अलग देशों की संस्कृतियों के खूबसूरत तालमेल का प्रतीक बन गया है। शादी के बाद अब यह जोड़ा एक-दूसरे की भाषा, खान-पान और लोक परंपराओं को समझने की कोशिश कर रहा है।

नवविवाहिता एचजिमवाया का कहना है कि उन्हें सनातन धर्म के रीति-रिवाजों और यहां के लोगों से मिलकर बेहद गर्व की अनुभूति हो रही है। कांगड़ा की वादियों में संपन्न हुआ यह विवाह इंटरनेट की दुनिया से निकलकर हकीकत में बदलने वाली एक मुकम्मल प्रेम कहानी है।

यह भी पढ़ें– Dadi Viral: राजकोट की 72 वर्षीय मंजूबेन की ‘रॉयल एंट्री’, काली कार से उतरीं तो दुनिया बोली- स्वैग हो तो ऐसा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed