July 13, 2026

Viral Story: चीन के 19 साल के लड़के ने दोस्त के नाम की 28 करोड़ की संपत्ति, मां-बाप को वसीयत से क्यों किया बेदखल?

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Viral Story: चीन के 19 साल के लड़के ने दोस्त के नाम की 28 करोड़ की संपत्ति, मां-बाप को वसीयत से क्यों किया बेदखल?

एडवेंचर के शौकीन 19 वर्षीय युवक ने लिखी हैरान करने वाली वसीयत, दोस्त बनेगा 28 करोड़ का मालिक

Viral Story: क्या कोई दोस्त अपने सगे माता-पिता से भी बढ़कर हो सकता है? अमूमन इस बात पर यकीन करना मुश्किल होता है, लेकिन चीन के शंघाई से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खून के रिश्तों और दोस्ती की परिभाषा को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।

यहां रहने वाले एक 19 साल के लड़के ने अपनी करोड़ो की जायदाद अपने माता-पिता को देने के बजाय अपने सबसे पक्के दोस्त के नाम लिख दी है। इस संपत्ति की कुल कीमत करीब 20 मिलियन युआन यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 28 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस फैसले ने न केवल चीनी सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, बल्कि इसके पीछे की पारिवारिक वजह भी लोगों को हैरान कर रही है।

एक्सट्रीम स्पोर्ट्स का शौक और जान जाने का खतरा

‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस युवा करोड़पति का नाम ली है। ली को बचपन से ही एडवेंचर और जान जोखिम में डालने वाले ‘एक्सट्रीम स्पोर्ट्स’ का बेहद शौक है।

ली ने इतनी कम उम्र में वसीयत बनाने का कारण बताते हुए कहा कि ऐसे खेलों में हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। वह चाहते थे कि अगर किसी हादसे में उनकी जान चली जाए, तो उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई और आलीशान अपार्टमेंट किसी ऐसे इंसान के पास जाए जो सच में उसके हकदार हों।

पारिवारिक बिखराव ने रिश्तों से तोड़ा भरोसा

ली के इस कदम के बाद हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि आखिर उन्होंने अपने जन्म देने वाले माता-पिता को एक भी पैसा क्यों नहीं दिया। इसके पीछे कोई आपसी दुश्मनी नहीं, बल्कि टूटे हुए परिवार का दर्द है। दरअसल, ली के माता-पिता का काफी समय पहले ही तलाक हो चुका है और वे दोनों ही अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़कर दूसरी शादियां कर चुके हैं।

ली का कहना है कि वे अपने माता-पिता के नए जीवनसाथियों को अपना परिवार नहीं मानते और नहीं चाहते कि उनकी मौत के बाद उनकी संपत्ति का कोई भी हिस्सा उन सौतेले रिश्तेदारों के हाथ लगे। ऐसे में उन्हें सिर्फ अपने उस बचपन के दोस्त पर भरोसा रहा, जो हर मुश्किल वक्त में साए की तरह उनके साथ खड़ा था।

क्या कहता है चीन का उत्तराधिकार कानून?

कानूनी नजरिए से देखें तो ली का यह फैसला पूरी तरह वैध है। चीन के उत्तराधिकार कानून के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अविवाहित है और उसकी कोई संतान नहीं है, तो सामान्य स्थिति में उसकी संपत्ति पर पहला अधिकार उसके माता-पिता का होता है।

हालांकि, कानून में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई नागरिक कानूनी रूप से अपनी वसीयत तैयार करता है, तो वह स्वेच्छा से किसी भी बाहरी व्यक्ति को अपना कानूनी वारिस बना सकता है। ली ने अपनी इस वसीयत को ‘शंघाई चाइना विल रजिस्ट्रेशन सेंटर’ में आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड भी करवा लिया है। नियम के तहत ली के निधन के बाद उनके दोस्त को 60 दिनों के भीतर इस संपत्ति पर दावा करना होगा।

चीन के युवाओं में तेजी से बदल रहा है ट्रेंड

यह मामला चीन के युवाओं की बदलती सोच की तरफ भी इशारा करता है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, चीन में वसीयत बनाने वालों की औसत उम्र 77 साल से घटकर अब 67 साल पर आ गई है। साल 1990 और 2000 के बाद पैदा हुए युवा अब अपनी प्रॉपर्टी और भविष्य को लेकर काफी गंभीर हैं और कम उम्र में ही कानूनी कागजात तैयार करवा रहे हैं।

फिलहाल, ली के इस कदम को लेकर इंटरनेट पर दो फाड़ देखने को मिल रहे हैं; जहां कुछ लोग इसे उनका निजी और समझदारी भरा फैसला बता रहे हैं, वहीं पारंपरिक सोच रखने वाले लोगों का कहना है कि हालात चाहे जो भी हों, माता-पिता को इस तरह हक से वंचित करना ठीक नहीं है।

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