Kea Parrot: लाखों की कारों को कबाड़ बना देता है यह अनोखा तोता, हिला कर रख देगा इसके पीछे का सच
इस चिड़िया को देखते ही भाग जाते हैं कार मालिक! चंद मिनटों में कर देती है लग्जरी गाड़ियों का कबाड़ा
Kea Parrot: कुदरत ने दुनिया में अजीबो-गरीब जीव-जंतु बनाए हैं, जिनमें से कुछ इंसानों के बेहद करीब आ जाते हैं तो कुछ अपनी हरकतों से मुसीबत खड़ी कर देते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और वैश्विक पर्यटन जगत में न्यूजीलैंड की एक खास चिड़िया की खूब चर्चा हो रही है, जिसे गाड़ियों का सबसे बड़ा दुश्मन माना जा रहा है। ‘केआ’ (Kea) नाम का यह पक्षी असल में तोते की ही एक प्रजाति है।
पहाड़ों पर रहने वाला यह हरा-भूरा तोता सैलानियों की महंगी से महंगी कारों को देखते ही उन पर टूट पड़ता है और चंद मिनटों में ही पूरी गाड़ी का हुलिया बिगाड़ कर रख देता है।
वाइपर से लेकर टायर तक को चोंच से नोच डालता है यह तोता
न्यूजीलैंड के खूबसूरत आल्पाइन (पर्वतीय) क्षेत्रों जैसे आर्थर पास और मिलफोर्ड साउंड में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह पक्षी कौतूहल के साथ-साथ एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। पार्किंग लॉट में जैसे ही कोई गाड़ी खड़ी होती है, केआ का झुंड वहां ‘निरीक्षण’ करने पहुंच जाता है।
अपनी बेहद नुकीली और मजबूत चोंच की मदद से यह तोता कार की खिड़कियों पर लगी रबर सील, वाइपर ब्लेड्स, रेडियो एंटीना और हेडलाइट के प्लास्टिक कवर को खींच-खींचकर उखाड़ देता है। कई बार तो ये टायरों के रबर को भी नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आते। जिन पर्यटकों को इसकी भनक नहीं होती, उन्हें कुछ ही मिनटों में अपनी चमचमाती गाड़ी का कबाड़ा देखने को मिलता है।
आखिर कारों से इतनी नफरत क्यों? वैज्ञानिकों ने बताई वजह
वन्यजीव वैज्ञानिकों के अनुसार, केआ का कारों पर यह हमला किसी गुस्से या नफरत का नतीजा नहीं है। दरअसल, केआ को दुनिया के सबसे बुद्धिमान और खोजी (जिज्ञासु) पक्षियों में गिना जाता है। उसकी दिमागी क्षमता बहुत तेज होती है। घने जंगलों में भोजन तलाशने के लिए उसे लकड़ी की छाल, पत्थरों और कड़े फलों को तोड़ना पड़ता है।
यही सर्वाइवल स्किल (भोजन ढूंढने की कला) वह इंसानों की बनाई चीजों पर आजमाता है। जब वह किसी कार को देखता है, तो खेल-खेल में यह जानने की कोशिश करता है कि इसके भीतर क्या छिपा है। उसकी इसी चुलबुली और मजाकिया फितरत की वजह से स्थानीय लोग इसे ‘क्लाउन ऑफ द माउंटेंस’ यानी पहाड़ों का जोकर भी कहते हैं।
छूना भी मना है, नुकसान पहुंचाया तो जाना पड़ेगा जेल
इस तोते की हरकतों से भले ही पर्यटकों की जेब ढीली हो रही हो, लेकिन वे चाहकर भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। केआ इस समय दुनिया की लुप्तप्राय (Endangered) प्रजातियों की रेड लिस्ट में शामिल है। न्यूजीलैंड सरकार ने वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत इसे पूरी तरह से संरक्षित घोषित किया हुआ है।
अगर कोई पर्यटक अपनी गाड़ी बचाने के चक्कर में इस पक्षी को डराता है, मारता है या किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने के साथ ही सीधे जेल भेजने का प्रावधान है। यही वजह है कि वहां जाने वाले मुसाफिरों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे केआ से दूरी बनाकर रखें और अपनी गाड़ियों को सुरक्षित या ढके हुए गैराज में ही पार्क करें।
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