Yamuna River: पबनेरा यमुना घाट पर नहाने गए स्कूल के 4 दोस्त डूबे, एक को मजदूरों ने बचाया, दूसरा लापता
रील बनाने का शौक बना काल, यमुना में नहाने उतरे दो छात्र डूबे
Yamuna River: शुक्रवार का दिन उमेदगढ़ के एक परिवार के लिए ऐसी कड़वी याद दे गया, जिसका जख्म शायद कभी नहीं भरेगा। राजकीय स्कूल की घंटी बजने के बाद घर लौटने के बजाय चार दोस्त पबनेरा गांव के पास स्थित यमुना घाट की तरफ निकल पड़े। चिलचिलाती धूप और उमस से राहत पाने के लिए इनमें से दो किशोर नदी के पानी में उतर गए, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि लहरों के नीचे मौत का गहरा गड्ढा उनका इंतजार कर रहा है। नहाते-नहाते दानिश और अंश अचानक किनारे से दूर गहरे पानी की तरफ खिंचे चले गए।
मजदूरों के हौसले से बची एक जान, दानिश बहाव में लापता
जब दोनों बच्चे पानी में छटपटाने लगे, तो किनारे खड़े उनके दो अन्य साथियों के गले से चीख निकल गई। गनीमत यह रही कि उस वक्त पबनेरा घाट पर नदी के कटान को रोकने के लिए ठोकर (पत्थरों का बांध) लगाने का काम चल रहा था। वहां मौजूद मजदूरों ने जैसे ही शोर सुना, उन्होंने बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगा दी। मजदूरों ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए अंश को तो मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर खींच लिया, लेकिन 15 साल का दानिश तब तक लहरों के तेज थपेड़ों के साथ आगे बह चुका था।
गोताखोरों की टीमें तैनात, पर अब तक सुराग नहीं
हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते घाट पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और गोताखोरों की मुस्तैद टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्टीमर और जाल की मदद से नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया। दोपहर से शुरू हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन सूरज ढलने और अंधेरा घिरने तक लगातार जारी रहा, लेकिन दानिश का कहीं कोई अता-पता नहीं चल सका है।
प्रशासन की अपीलों को ठेंगे पर रख रहे मासूम
यह कोई पहला वाका नहीं है जब यमुना के घाटों ने किसी मां की गोद सूनी की हो। मानसून के इस सीजन में नदी का जलस्तर और बहाव दोनों ही अनिश्चित रहते हैं, जिसके चलते प्रशासन बार-बार गहरे पानी में न उतरने की हिदायत देता रहा है। इसके बावजूद, खासकर स्कूली बच्चों द्वारा दोपहर के वक्त बिना किसी बड़े की निगरानी के घाटों पर जाना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। फिलहाल पुलिस और गोताखोर शनिवार सुबह से एक बार फिर नए सिरे से सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में हैं।
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