चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल है: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
PM in Chandigarh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत के लिए विकास का एक आदर्श मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह शहर अपने सुनियोजित विकास, बेहतर जीवनशैली, ईज ऑफ लिविंग, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं और माँ चंडी के आशीर्वाद के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि चंडीगढ़ का समग्र विकास हमेशा से एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। शुक्रवार को चंडीगढ़ दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में आयोजित एक समारोह में कहा कि चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जहां एजुकेशन, इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंस और रिसर्च से जुड़े बड़े संस्थान एक साथ मौजूद हैं। बहुत कम शहरों के पास ऐसा सामर्थ्य होता है। आने वाले समय में यही संस्थान नई टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप्स और इनोवेशन के बड़े केंद्र बन सकते हैं। आज एजुकेशन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी इस यात्रा को नई गति दे रही हैं।
मोदी ने कहा कि आज पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कुरुक्षेत्र बॉयज़ हॉस्टल एंड मेस का उद्घाटन हुआ है। सेक्टर-46 के गवर्नमेंट कॉलेज के लिए नया हॉस्टल भी तैयार हुआ है। रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल की नींव भी रखी गई है। हमारा प्रयास है कि हमारे युवाओं को रिसर्च के लिए बेहतर लैब्स, बेहतर फैकल्टी मिले। जब रिसर्च का माहौल मजबूत होगा, तब इनोवेशन भी तेज होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डीप-टेक, ऐसी सभी टेक्नोलॉजी में हमें भारत को आगे लेकर जाना है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चंडीगढ़ के एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स, यहां के शिक्षक और यहां के युवा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब डेढ़ वर्ष पहले देश ने न्याय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन किया, जब औपनिवेशिक दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता लागू की गई। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल कानून बदलने तक सीमित नहीं था, बल्कि दंड-आधारित व्यवस्था से न्याय-आधारित व्यवस्था की ओर एक महत्वपूर्ण कदम था। मोदी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता को लागू करने की शुरुआत भी चंडीगढ़ से ही की गई, जो इस शहर के महत्व और देश की न्यायिक व्यवस्था में उसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।
