Yamunanagar Sim Swap Fraud: चालू सिम ब्लॉक करवाकर कारोबारी के खाते से उड़ाए ₹95 लाख, मुंबई से आरोपी अरेस्टYamunanagar Sim Swap Fraud: चालू सिम ब्लॉक करवाकर कारोबारी के खाते से उड़ाए ₹95 लाख, मुंबई से आरोपी अरेस्ट

Yamunanagar Sim Swap Fraud: साइबर अपराधियों ने अब ठगी का ऐसा शातिर तरीका निकाला है जिसमें बिना कोई ओटीपी पूछे या लिंक पर क्लिक कराए ही आपका पूरा बैंक खाता खाली किया जा सकता है। हरियाणा के यमुनानगर में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। उत्तर भारत की एक प्रतिष्ठित कंपनी से जुड़े निर्देश जैन का एयरटेल मोबाइल सिम अचानक बंद हो गया। निर्देश जैन जब तक कुछ समझ पाते या कंपनी से संपर्क करते, तब तक शातिर ठगों ने उनके इसी नंबर का दूसरा डुप्लीकेट सिम कहीं और से एक्टिवेट करवा लिया था। चूंकि यह मोबाइल नंबर सीधे उनके बैंक खाते से लिंक था, इसलिए आरोपियों ने बिना समय गंवाए नेट बैंकिंग के जरिए खाते में मौजूद ₹95 लाख से अधिक की भारी-भरकम राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी।

साइबर सेल की मुस्तैदी, मुंबई में दबोचा गया जालसाज

जब निर्देश जैन को अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत यमुनानगर के साइबर अपराध पुलिस थाने में दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ट्रांजैक्शन ट्रेल और मोबाइल के आईपी एड्रेस को खंगालना शुरू किया। साइबर थाने के जांच अधिकारी (IO) विशाल सैनी ने बताया कि तकनीकी इनपुट और पुख्ता सुरागों के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने महाराष्ट्र का रुख किया और मुख्य आरोपी को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज करवाने और पैसे की रिकवरी के प्रयासों में जुटी है।

एयरटेल कंपनी के अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा

इस पूरे घालमेल में दूरसंचार कंपनी की सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच अधिकारी विशाल सैनी के मुताबिक, सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब असली सिम कार्ड निर्देश जैन के पास था और वह यमुनानगर में थे, तो कंपनी के रिटेलर या अधिकारियों ने बिना उचित सत्यापन (KYC) के किसी दूसरे अज्ञात व्यक्ति को उसी नंबर का नया सिम कार्ड कैसे सौंप दिया? इस लापरवाही या संभावित मिलीभगत को लेकर पुलिस ने एयरटेल कंपनी को एक कड़ा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हो सकता है पर्दाफाश

पुलिस को शक है कि मुंबई से गिरफ्तार किया गया आरोपी महज इस पूरी साजिश का एक मोहरा है। इस हाईटेक फ्रॉड के पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गैंग काम कर रहा है, जिसमें बैंक कर्मियों या सिम वेंडरों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच अधिकारी ने साफ किया है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य शातिरों को भी जल्द ही चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।