Breaking News
School Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्मानाSchool Children Refreshment Issue: पंचकूला में CM के कार्यक्रम में बिगड़ी व्यवस्था, भूखे पेट बैठे रहे स्कूली बच्चे, बीच में छोड़ना पड़ा नाटकRashifal Update: 31 अक्टूबर राशिफल शनि देव की कृपा से संवरेंगे इन राशि वालों के करियर और कारोबार के रास्तेEngineer Becomes Sadhu Gangotri: लाखों का पैकेज छोड़ पहाड़ों में रह रहे पूर्व इंजीनियर, पूर्व बॉस ने पूछा- क्या पागल हो गए हो?Neeraj Yadav Suicide Case: एशियन गेम्स चैंपियन नीरज यादव सुसाइड केस में नया मोड़, शादी की सच्चाई पता चलने पर महिला मित्र ने तोड़ा था रिश्ताNangal Chaudhary News: फोरेस्ट विभाग ने दौंखेरा माईंस का औचक निरीक्षण कर पौधों के नुकसान का लिया जायजा, संचालक पर लगाया जुर्माना

Nilokheri News: पॉलिटेक्निक संस्थान में मेधावियों का सम्मान, डॉ. चौहान बोले- ‘नीलोखेड़ी के इतिहास को जानना युवाओं का कर्तव्य’

Nilokheri News: पॉलिटेक्निक संस्थान में मेधावियों का सम्मान, डॉ. चौहान बोले— 'नीलोखेड़ी के इतिहास को जानना युवाओं का कर्तव्य'

करनाल नीलोखेड़ी अपडेट: डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने मेधावी छात्रों को बांटे पुरस्कार, अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
AAmandeep Singh

Nilokheri News: नीलोखेड़ी के प्रतिष्ठित गुरु ब्रह्मानंद गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक संस्थान का परिसर बुधवार को उस समय तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब विभिन्न विभागों के टॉपरों और मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मंच पर सम्मानित किया गया।

अवसर था संस्थान के वार्षिक अकादमिक पुरस्कार वितरण समारोह का, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य ज्वाला प्रसाद और संस्थान के वरिष्ठ विभागाध्यक्षों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।

विज्ञापन

डॉ. कलाम का उदाहरण: ‘सपने वो नहीं जो सोते हुए देखें, बल्कि वो हैं जो सोने न दें’

युवा इंजीनियरों और प्राध्यापकों के बड़े हुजूम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जीवन में किसी भी मुकाम को हासिल करने की पहली सीढ़ी कड़ा अनुशासन, हर पल कुछ नया सीखने की भूख और विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहना है।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बेहद सीमित संसाधनों के बीच से निकलकर कलाम साहब ने दुनिया में देश का डंका बजाया। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बड़े सपने देखें—ऐसे सपने जो रातों की नींद उड़ा दें और उन्हें पूरा करने की तीव्र ललक मन में चौबीसों घंटे बनी रहे।

पाकिस्तान से आए विस्थापितों के पसीने से सींची गई है नीलोखेड़ी की मिट्टी

भाषण के दौरान डॉ. चौहान ने नीलोखेड़ी के उस ऐतिहासिक पन्ने को पलटा, जिससे आज की नई पीढ़ी धीरे-धीरे अनजान होती जा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि 1947 में देश के विभाजन के वक्त अपना सब कुछ गंवाकर जो लाखों लोग पाकिस्तान से यहां पहुंचे थे, उन्होंने अपनी अटूट इच्छाशक्ति और श्रम साधना के दम पर इस बंजर जमीन को एक नया आशियाना दिया।

इन विस्थापित परिवारों ने किसी सरकारी मदद के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठने के बजाय खुद अपने हाथों से मकान बनाए, छोटे-छोटे कुटीर उद्योग धंधे शुरू किए और नीलोखेड़ी को पूरे देश के सामने आत्मनिर्भरता और सहकारिता का एक बेजोड़ मॉडल बनाकर खड़ा कर दिया।

इंजीनियर एस. के. डे की कल्पना का साकार रूप है यह शहर

मुख्य अतिथि ने मेधावी भावी इंजीनियरों को याद दिलाया कि जिस शहर में वे पढ़ाई कर रहे हैं, उसकी बुनियाद ही देश के विख्यात इंजीनियर और पूर्व केंद्रीय मंत्री एस. के. डे की बेहतरीन टाउन प्लानिंग और दूरदर्शी सोच पर टिकी है।

उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज की पीढ़ी इस गौरवशाली विरासत को भूल रही है। इसी समृद्ध इतिहास, कला और संघर्ष की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘नीलोखेड़ी उत्सव’ की रूपरेखा तैयार की गई है, ताकि हर युवा अपने शहर के इतिहास पर गर्व कर सके।

नैतिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पर संस्थान का जोर

समारोह का आभार व्यक्त करते हुए संस्थान के प्रधानाचार्य ज्वाला प्रसाद ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का मकसद सिर्फ डिग्रियां या मेडल बांटना नहीं है, बल्कि छात्रों के भीतर छिपी उत्कृष्टता की भावना को निखारना है। हमारा संस्थान किताबी ज्ञान और तकनीकी शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और अनुशासन का बीजारोपण करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस गरिमामयी समारोह में इलेक्ट्रिकल के विभागाध्यक्ष अजीत सिंह, सिविल के विजेंद्र शर्मा, मैकेनिकल व टीपीओ विकास शर्मा, ईसीई के पवन वर्मा सहित रोशनी, कविता राठी, कमलजीत मोटिया और डॉ. सुनील दहिया समेत तमाम स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें– Gurugram KOD Fire: गुरुग्राम के मशहूर ‘किंगडम ऑफ ड्रीम्स’ में लगी भीषण आग, दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

करनाल की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।