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Parenting Tips: 15 से 18 साल के बच्चों से आज ही पूछें ये 5 सवाल, बदल जाएगा आपका रिश्ता

Parenting Tips: 15 से 18 साल के बच्चों से आज ही पूछें ये 5 सवाल, बदल जाएगा आपका रिश्ता

टीनेज बच्चों के साथ मिटानी है दूरी? पेरेंट्स आज ही अपनाएं ये 5 असरदार टिप्स

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GGaganpreet Kaur

Parenting Tips: अक्सर माता-पिता को लगता है कि जब बच्चा 10वीं या 12वीं कक्षा में पहुंच जाता है, तो वह खुद अपनी समस्याएं सुलझाने में सक्षम हो गया है और उसे गाइडेंस की कम जरूरत है। लेकिन बाल मनोवैज्ञानिकों (Child Psychologists) का मानना है कि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। 15 से 18 साल की उम्र वह दौर है जब बच्चे को सबसे ज्यादा इमोशनल सपोर्ट और सही मार्गदर्शन की दरकार होती है।

इस उम्र में पढ़ाई का बोझ, बोर्ड एग्जाम्स की टेंशन, करियर का प्रेशर और दोस्तों के बीच खुद को साबित करने की होड़ बच्चों को अंदर से मानसिक रूप से थका देती है। ऐसे में अगर पेरेंट्स उनके दोस्त बनकर बात न करें, तो बच्चे अकेलापन महसूस करने लगते हैं।

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चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट्स की राय: उपदेश नहीं, अच्छे श्रोता बनें

बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि टीनेजर्स अपनी भावनाएं इसलिए साझा नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी बात सुनते ही पेरेंट्स उन्हें जज करने लगेंगे या कोई लंबा भाषण शुरू कर देंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस उम्र में बच्चों को उपदेश (Lectures) देने के बजाय एक पेशेंट लिसनर (Good Listener) की भूमिका निभानी चाहिए। जब बच्चे को यह भरोसा होता है कि उसकी बात बिना किसी गुस्से या जजमेंट के सुनी जाएगी, तो वह खुद-ब-खुद अपने दिल का हाल बयां करने लगता है।

रिश्ता मजबूत करने वाले ये 5 जादुई सवाल

अगर आप भी अपने टीनेजर बच्चे के साथ जमी बर्फ को पिघलाना चाहते हैं और एक मजबूत बॉन्डिंग बनाना चाहते हैं, तो चाय या वॉक के दौरान अनौपचारिक तरीके से उनसे ये 5 सवाल जरूर पूछें:

1. “आजकल तुम्हें किस बात की सबसे ज्यादा टेंशन महसूस हो रही है?”

इस सवाल से बच्चे को लगेगा कि आप उसकी मेंटल हेल्थ को लेकर गंभीर हैं। वह अपनी पढ़ाई या पर्सनल लाइफ का स्ट्रेस खुलकर आपके सामने रख सकेगा।

2. “क्या हमारी किसी बात या आदत से तुम्हें परेशानी होती है?”

अपनी कमियां सुनने के लिए तैयार रहना एक परिपक्व पेरेंट की पहचान है। यह सवाल बच्चे के मन से डर खत्म करता है और म्यूचुअल ट्रस्ट बढ़ाता है।

3. “करियर को लेकर तुम्हारा अपना क्या प्लान है? मैं इसमें क्या मदद कर सकता/सकती हूँ?”

10th और 12th के बाद बच्चों पर अपनी मर्जी थोपने के बजाय यह सवाल उन्हें अहसास कराता है कि आप उनके सपनों और पसंद की कद्र करते हैं।

4. “क्या तुम्हारे फ्रेंड सर्कल में सब ठीक-ठाक चल रहा है?”

बिना जासूसी किए बच्चे के माहौल को समझने का यह सबसे बेहतरीन तरीका है। टीनेज में बुलिंग या बैड इन्फ्लुएंस का खतरा बना रहता है, जिसके बारे में जानना बेहद जरूरी है।

5. “क्या तुम्हें लगता है कि हम तुम्हें पूरा स्पेस और प्राइवेसी दे रहे हैं?”

इस उम्र में बच्चों को अपनी प्राइवेसी बहुत प्रिय होती है। यह सवाल उनके आत्मसम्मान को बढ़ाता है और रिश्ते में एक सही बैलेंस बनाता है।

बातचीत के दौरान इन गलतियों से बचें

बच्चों से बातचीत करते समय माहौल को कभी भी किसी पूछताछ (Interrogation) की तरह सख्त न बनाएं। शाम को चाय-कॉफी पीते समय या ढलती शाम को टहलते वक्त बेहद कैजुअल अंदाज में बात शुरू करें।

यदि बच्चा कोई ऐसी बात बताता है जो आपको पसंद न आए, तो भी तुरंत गुस्सा न हों और न ही उस पर हावी हों। उसे यह महसूस कराएं कि परिस्थिति चाहे जो भी हो, उसके माता-पिता हर कदम पर उसके साथ ढाल बनकर खड़े हैं।

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