Parvinder Jhota murder | Akal Takht Sahib : मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में सियासी और धार्मिक हलकों में उबाल जारी है। शुक्रवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और शिअद नेता हरसिमरत कौर बादल ने पीड़ित परिवार से मिलकर गहरी संवेदना जताई। इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी विफलता को लेकर भगवंत मान सरकार पर जमकर निशाना साधा।
पंजाब में नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से सूबे का सियासी और सामाजिक पारा लगातार चढ़ हुआ है। शुक्रवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज सीधे मानसा पहुंचे और दिवंगत परविंदर सिंह झोटा के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। परिवार को ढांढस बंधाते हुए जत्थेदार ने राज्य में बेकाबू होती ड्रग्स की समस्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश से नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
जत्थेदार गड़गज्ज ने याद दिलाया कि उन्होंने हाल ही में जुलाई के महीने में ‘मीरी-पीरी खालसा’ यात्रा के दौरान गांवों का दौरा किया था। उस वक्त भी ग्रामीण परिवारों ने उन्हें बताया था कि कैसे नशे का जहर उनकी पीढ़ियों को लील रहा है। उन्होंने कहा कि आज हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि नशा तस्करों के हौसले आसमान छू रहे हैं, और जो कोई भी इस काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे मौत के घाट उतार दिया जाता है।
हरसिमरत कौर बादल ने भी परिवार को ढांढस बंधाया, सरकार बर्खास्त करने की मांग
अकाल तख्त जत्थेदार के अलावा शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल भी मानसा पहुंचीं और झोटा के परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए हरसिमरत कौर ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासनकाल में नशा तस्करों और सौदागरों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने मुखर होकर मांग की कि ऐसी नकारा और विफल हो चुकी सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई वारदात ?
गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से इलाके में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और ड्रग्स के खिलाफ मुहिम चलाए हुए थे। मंगलवार को जब वह मानसा के एक व्यस्त बाजार में एक केमिस्ट द्वारा एक बुजुर्ग व्यक्ति को गैर-कानूनी तरीके से नशीली गोलियां बेचे जाने का विरोध कर रहे थे, तभी यह खूनी खेल खेला गया। आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार ने बहस के दौरान झोटा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जब यह पूरी वारदात अंजाम दी जा रही थी, तब परविंदर झोटा अपने मोबाइल पर फेसबुक लाइव कर रहे थे, जिससे यह घटना कैमरे में कैद हो गई।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है, क्योंकि राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर इलाके से दबोच लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में कठोरतम कार्रवाई का संकल्प लिया है, लेकिन विपक्षी दल और धार्मिक नेतृत्व लगातार सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
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