Parvinder Jhota murder case: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में CBI ने नई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी की टीम मंगलवार आधी रात को मानसा पहुंची और संबंधित थाने में जाकर केस से जुड़े रिकॉर्ड व सबूत अपने कब्जे में लिए। अब जांच एजेंसी हत्या की परिस्थितियों के साथ उन आरोपों की भी पड़ताल करेगी, जिनमें प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की केमिस्ट दुकानों पर कथित रूप से खुलेआम बिक्री होने की बात कही जा रही है।
CBI के प्रवक्ता के अनुसार, मामले की जांच वरिष्ठ DIG स्तर के अधिकारी की अगुआई में की जा रही है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोल अधिकारियों और अन्य विशेषज्ञों की टीम भी मानसा पहुंचेगी। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी और जरूरत के मुताबिक संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। झोटा के परिवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मानसा के मंडी बोर्ड रेस्ट हाउस पहुंचना था। यहां CBI के अधिकारी परिवार से मुलाकात करेंगे और मामले से जुड़े तथ्य जानेंगे। रेस्ट हाउस में सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजाम किए जा रहे थे। जांच एजेंसी आरोपी अश्विनी कुमार और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की हिरासत की मांग भी कर सकती है। हिरासत को लेकर आगे की कार्रवाई जांच की जरूरतों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
CM मान के ऐलान के बाद CBI जांच, शाह ने भी दिया कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया था। इसके बाद पंजाब दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी झोटा के परिवार से मुलाकात कर मामले की गहराई से जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था। शाह ने कहा कि पंजाब में चिट्टे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं। ये गृहमंत्री के राजनीतिक बयान और आरोप हैं।
अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि नशे के खिलाफ उनके संघर्ष को याद रखा जाएगा। उन्होंने पंजाब को चिट्टे के अभिशाप से मुक्त कराने और नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। शाह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामला CBI को सौंपा है और जांच में जो भी आरोपी सामने आएगा, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। उनके पंजाब से रवाना होने के करीब छह घंटे बाद ही CBI की टीम मानसा पहुंच गई। अब जांच एजेंसी की कार्रवाई से परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जुड़ी है।
नौवें दिन भी धरना, पिता बोले- अंतिम संस्कार नहीं करेंगे
परविंदर सिंह झोटा के परिवार का धरना बुधवार को नौवें दिन भी जारी रहा। परिवार ने अभी तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। झोटा के पिता भीम सिंह ने स्पष्ट कहा है कि वे फिलहाल बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही गई है। जानकारी के मुताबिक, 13 अक्टूबर को केमिस्ट अश्विनी कुमार ने कथित तौर पर गोली मारकर परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी। मामले में आरोपी और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच अब CBI करेगी। जांच में हत्या की परिस्थितियों, उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
इस बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मांग की है कि आरोपी अश्विनी कुमार की करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जाए या उसे परविंदर सिंह झोटा के परिवार को दिया जाए। साहनी ने कहा कि परिवार ने अपना होनहार बेटा खोया है। संपत्ति जब्त करने या परिवार को देने की यह उनकी मांग है; इस पर किसी आधिकारिक फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल CBI की टीम रिकॉर्ड और सबूतों की जांच के साथ परिवार के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर, परिवार पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर अपने रुख पर कायम है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। पंजाब में नशा पीड़ित परिवारों से मिले अमित शाह; सांसद संधू बोले- न्याय में देरी पर जवाबदेही तय हो

