Breaking News
Yamunanagar Green Firecrackers License: यमुनानगर में बिना लाइसेंस पटाखे बेचना पड़ेगा भारी, प्रशासन ने तय की जगहें और नियमWeather Change in Haryana: मौसम विभाग के अलर्ट के बीच ज्योतिसर में झमाझम बारिश, रातोंरात बढ़ी ठंडक25 October Rashifal: रविवार के दिन इन राशियों पर बरसेगी सूर्यदेव की कृपा, चमक जाएगी किस्मतMother Son Viral Video: मां की तबीयत खराब हुई तो 14 साल के बेटे ने संभाला किचन, वीडियो देख हर कोई कर रहा तारीफYamunanagar News: यमुनानगर में खौफनाक कत्ल, मां के प्रेमी की बेटे ने रॉड से पीट-पीटकर की हत्या, कट्टे में मिला शवYamunanagar Green Firecrackers License: यमुनानगर में बिना लाइसेंस पटाखे बेचना पड़ेगा भारी, प्रशासन ने तय की जगहें और नियमWeather Change in Haryana: मौसम विभाग के अलर्ट के बीच ज्योतिसर में झमाझम बारिश, रातोंरात बढ़ी ठंडक25 October Rashifal: रविवार के दिन इन राशियों पर बरसेगी सूर्यदेव की कृपा, चमक जाएगी किस्मतMother Son Viral Video: मां की तबीयत खराब हुई तो 14 साल के बेटे ने संभाला किचन, वीडियो देख हर कोई कर रहा तारीफYamunanagar News: यमुनानगर में खौफनाक कत्ल, मां के प्रेमी की बेटे ने रॉड से पीट-पीटकर की हत्या, कट्टे में मिला शव

‘आप’ के कहने पर पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में मेरे नाम के आगे ‘स्थानांतरित’ लिखा गया: राघव चढ्ढा

‘आप’ के कहने पर पंजाब की मसौदा मतदाता सूची में मेरे नाम के आगे ‘स्थानांतरित’ लिखा गया: राघव चढ्ढा

पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
VVinita Kohli

Political Update: पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को कहा कि मसौदा मतदाता सूची में उनके नाम के आगे ‘‘स्थानांतरित’’ लिखा गया है जबकि उनका मतदाता पहचान पत्र मोहाली में पंजीकृत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार राजनीतिक बदले की भावना से चुनावी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। ‘आप’ ने पलटवार करते हुए चड्ढा पर ‘‘पिछली तारीख की प्रक्रिया अपनाकर’’ दिल्ली में अपना मतदाता पंजीकरण कराने की कोशिश करने और इसका पूरा दोष पंजाब सरकार पर मढ़ने का आरोप लगाया। पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची में चड्ढा के नाम के आगे ‘‘स्थानांतरित’’ दर्ज किया गया है।

 

विज्ञापन

चड्ढा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब की ‘आप’ सरकार अब बदले की राजनीति को मसौदा मतदाता सूची तक ले आई है। मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सदस्य हूं और मेरा मतदाता पहचान पत्र पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है। इसके बावजूद मसौदा मतदाता सूची में मेरे नाम के आगे ‘स्थानांतरित’ लिखा गया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सिर्फ लिपिकीय गलती नहीं लगती। यह स्पष्ट तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है।’’ अप्रैल में ‘आप’ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए चड्ढा ने कहा कि वह एसआईआर दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ एक मसौदा सूची हैं, अंतिम मतदाता सूची नहीं। ‘दावे और आपत्तियों’ की प्रक्रिया के दौरान नाम में सुधार किया जाता है और यह प्रक्रिया अभी जारी है।

 

अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर में जारी की जाएगी। मैं पहले से ही एआईआर के दिशानिर्देश के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं।’’ उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उन्हें ‘‘स्थानांतरित’’ किसने दर्ज किया, इस वर्गीकरण का सत्यापन किसने किया और उच्च स्तर पर इसे किसने मंजूरी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पंजाब सरकार के अधिकारी शामिल थे। चड्ढा ने आरोप लगाया, ‘‘मुझे स्थानांतरित के तौर पर किसने चिह्नित किया? ‘आप’ सरकार के एक अधिकारी ने। उस वर्गीकरण को किसने सत्यापित किया? फिर से, ‘आप’ सरकार के ही एक अधिकारी ने। उच्च स्तर पर इसकी प्रक्रिया किसने पूरी की? एक बार फिर, उसी ‘आप’ सरकार के अधिकारी ने।’’ उन्होंने दावा किया कि बूथ–स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक, एसआईआर प्रक्रिया के संचालन के हर स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात होते हैं।

 

उन्होंने कहा, ‘‘बीएलओ आम तौर पर पंजाब सरकार का एक कनिष्ठ कर्मचारी होता है। बीच में आने वाले एईआरओ, ईआरओ और डीईओ भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं। सबसे ऊपर पंजाब–कैडर का आईएएस अधिकारी होता है जो मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम करता है।’’ उन्होंने दावा किया कि ऐसे अधिकारी राजनीतिक दबाव में आ सकते हैं क्योंकि उनके तबादले, तैनाती और करियर राज्य सरकार के नियंत्रण में होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इन अधिकारियों को पता होता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद ‘आप’ सरकार ही उनके तबादले, तैनाती और करियर को नियंत्रित करती है। वे जानते हैं कि कौन उनका तबादला कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी मुश्किल बना सकता है। इस तरह ‘आप’ सरकार राजनीतिक बदला लेने के लिए राज्य के अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डालती है।’’

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

पंजाब की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।