Mother Son Viral Video: बच्चों की परवरिश का दायरा केवलता किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उन्हें जिंदगी की हर चुनौती और जिम्मेदारी के लिए तैयार करना भी उतना ही अहम है। हमारे समाज में आज भी कई घरों में यह दबी-छिपी मानसिकता देखने को मिलती है कि रसोई संभालना या खाना बनाना सिर्फ बेटियों की ही जिम्मेदारी है।
हालांकि, वक्त के साथ इस सोच में बदलाव भी आ रहा है। (Nisha Tanwar Instagram video) सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मां और उसके 14 वर्षीय (14-year-old son cooks food) बेटे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो इसी बदलती सोच की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक मिसाल पेश कर रहा है। वीडियो में मां की अस्वस्थता के बीच एक छोटा बच्चा खुद किचन की कमान संभालता नजर आ रहा है, जिसे देखकर हर कोई उसकी परवरिश की दाद दे रहा है।
मां की तबियत बिगड़ी तो बेटे ने खुद संभाला मोर्चा
यह पूरा वाकया एडवोकेट निशा तनवर से जुड़ा है, जिन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल @nishatanwar999 पर इस वीडियो को साझा किया है। निशा ने बताया कि हाल ही में जब उन्हें सर्दी-जुकाम और कमजोरी के कारण काफी थकान महसूस हो रही थी, तब उनके 14 साल के बेटे रुचित ने बिना किसी के कहे खुद आगे आकर कहा कि वह रसोई का काम संभाल लेगा।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रुचित किस तरह बिना किसी हिचकिचाहट के बड़े सलीके से आटा गूंथ रहा है। निशा का मानना है कि बच्चों को समय रहते घर के छोटे-मोटे काम सिखा देने चाहिए (fostering self-reliance in children) ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी दूसरे का मुंह न देखना पड़े। सबसे खास बात यह रही कि रुचित पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं था, बल्कि उसने खुद अपनी मां की तकलीफ को समझा और मदद का हाथ बढ़ाया।
सिर्फ आटा गूंथना ही नहीं, कुकिंग के हुनर भी सीख रहा है रुचित
निशा तनवर का यह भी कहना है कि उनका बेटा केवल औपचारिकता के लिए किचन में नहीं आया है, बल्कि वह धीरे-धीरे रोटी बनाने से लेकर सब्जी तैयार करने तक के गुर सीख चुका है। अक्सर माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों में इतना व्यस्त रखते हैं कि वे रोजमर्रा के व्यावहारिक कौशल (Life Skills) सिखाना भूल जाते हैं।
ऐसे में यदि कभी घर में कोई अचानक बीमार पड़ जाए, तो बच्चे असहाय महसूस करने लगते हैं। लेकिन निशा अपने बच्चों को बचपन से ही इन जिम्मेदारियों के लिए तैयार कर रही हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उनका साफ तौर पर यह मानना है कि खाना पकाना या घर को व्यवस्थित रखना जीवन के वे बुनियादी कौशल हैं, जिनका किसी के लड़का या लड़की होने से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।
सोशल मीडिया पर मिल रही तारीफों की बौछार
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर सामने आया, यूजर्स ने मां की सोच और बेटे के संस्कारों की खुले दिल से सराहना शुरू कर दी। कई लोगों ने लिखा कि अक्सर माता-पिता लाड़-प्यार में बच्चों को किसी काम में हाथ नहीं लगाने देते, (parenting tips in Hindi) लेकिन उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सबसे बड़ी नेकी है। सोशल मीडिया पर लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अच्छे संस्कार और जेंटलमैन बनने की शुरुआत घर की चारदीवारी से ही होती है।
निशा तनवर की यह पहल उन तमाम परिवारों के लिए एक बेहतरीन संदेश है, जो आज भी घरेलू कामों को एक खास जेंडर तक सीमित कर देते हैं।
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