Weather Change in Haryana: शनिवार का दिन आम दिनों की तरह ही शांति से शुरू हुआ था। ज्योतिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही शानदार धूप खिली हुई थी, जिससे आसमान बिल्कुल साफ नजर आ रहा था। दिनभर लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त रहे और किसी को भी इस बात का आभास नहीं था कि रात होते-होते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। दिनभर की गर्माहट के बाद रात करीब 8:30 बजे अचानक ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिन्होंने कुछ ही मिनटों में पूरे माहौल को बदलकर रख दिया।
हवाओं की गति तेज होते ही आसमान से ओले बरसने शुरू हो गए और इसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। दिन के सुहावने और साफ मौसम के बिल्कुल विपरीत रात के वक्त हुई इस झमाझम बारिश से तापमान तेजी से नीचे लुढ़क गया। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने रात की शांति को तोड़ा ही, साथ ही अचानक बढ़ी कनकनी से लोगों को सिहरने पर मजबूर कर दिया।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट और किसानों की बढ़ती धड़कनें
चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने हरियाणा के करीब नौ जिलों में पहले ही खराब मौसम का येलो अलर्ट जारी कर रखा था। हालांकि, दिनभर खिली धूप और साफ आसमान को देखकर आम लोगों ने इस चेतावनी पर ज्यादा गौर नहीं किया था, लेकिन रात होते-होते मौसम विभाग का वह अनुमान बिल्कुल सटीक साबित हुआ। रात के वक्त चली तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश के इस दौर ने साफ कर दिया कि इलाके में पश्चिमी विक्षोभ या मौसमी तंत्र सक्रिय हो चुका है।
अक्टूबर महीने के इन दिनों में हुई इस बारिश का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ना स्वाभाविक है। धान की कटाई का सीजन अपने चरम पर है और इस समय किसानों की फसलें या तो खेतों में कटी पड़ी हैं या फिर मंडियों में खुले आसमान के नीचे बिकने के लिए आई हुई हैं। अचानक हुई इस ओलावृष्टि और बारिश के बाद किसानों की चिंताएं बढ़ना लाजिमी है, हालांकि फसलों को असल में कितना नुकसान पहुंचा है, इसका आकलन सुबह धूप निकलने और खेतों का जायजा लेने के बाद ही साफ हो पाएगा।
रातोंरात बदला माहौल, अब आगे के दिनों पर टिकी नजरें
दिन के वक्त पसीने छुड़ाने वाली धूप और रात के समय बादलों की गर्जना के साथ हुई इस बारिश ने साबित कर दिया कि प्रकृति का मिजाज कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। मौसम के इस अचानक यू-टर्न के बाद ज्योतिसर और आसपास के इलाकों में ठंड ने आधिकारिक तौर पर अपनी दस्तक दे दी है। अब क्षेत्र के लोगों और खासकर किसानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहता है और क्या ठंड का यह असर आगे भी यूं ही बना रहेगा।

