Punjab DA Hike: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3 फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। चंडीगढ़ में इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब कर्मचारियों और पेंशनरों को 53 फीसदी DA मिलेगा। पहले यह 50 फीसदी था। सरकार के इस फैसले से करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा होने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, DA में इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल 363 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा नवंबर के वेतन और दिसंबर में मिलने वाली पेंशन में शामिल किए जाने की बात कही गई है।
DA में 3 फीसदी बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। महंगाई भत्ते की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। ऐसे में बेसिक वेतन जितना अधिक होगा, बढ़े हुए DA से मिलने वाली अतिरिक्त रकम भी उतनी ही ज्यादा होगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 40 हजार रुपये है तो 3 फीसदी बढ़ोतरी से उसे हर महीने 1,200 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। 60 हजार रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी को 1,800 रुपये और एक लाख रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 3,000 रुपये का फायदा होगा। अब 53 फीसदी DA के हिसाब से 40 हजार रुपये बेसिक सैलरी पर कुल 21,200 रुपये महंगाई भत्ता बनेगा। इसी तरह 60 हजार रुपये बेसिक पे पर 31,800 रुपये और एक लाख रुपये बेसिक पे पर 53 हजार रुपये DA मिलेगा। यह गणना केवल महंगाई भत्ते की है, इसमें बेसिक वेतन और अन्य भत्ते शामिल नहीं हैं।
CM मान बोले- हमारी सरकार ने कभी खजाना खाली होने की बात नहीं कही
DA बढ़ाने की घोषणा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को सत्ता में आए पौने पांच साल हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने कभी यह नहीं कहा कि खजाना खाली है। सीएम मान ने कहा कि पहले की सरकारें खजाना खाली होने की बात कहती थीं। इसी वजह से उनके एक मंत्री को ‘पीपा मंत्री’ कहा जाता था। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जब 2022 में उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय कर्मचारियों को 28 फीसदी DA मिल रहा था। इसके बाद सरकार ने अलग-अलग समय पर इसमें बढ़ोतरी की। सितंबर 2026 में सरकार ने DA में 8 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इससे महंगाई भत्ता 42 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी हो गया था। अब इसमें 3 फीसदी और बढ़ोतरी के बाद यह 53 फीसदी पहुंच गया है।
DA के बकाये को लेकर हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
पंजाब में DA का मुद्दा लंबे समय से कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। कर्मचारियों के संगठन लगातार लंबित किश्तों और एरियर के भुगतान की मांग करते रहे हैं। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों का आंदोलन तेज हुआ था। 3 अगस्त 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों का करीब 14,191 करोड़ रुपये का लंबित DA/DR बकाया 15 दिन के भीतर जारी करने का निर्देश दिया था। अदालत ने भुगतान में देरी होने की स्थिति में 6 फीसदी सालाना ब्याज का प्रावधान भी किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी भुगतान नहीं होने पर 7 अगस्त से कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए। संगठनों ने लंबित DA की किश्तें और एरियर जारी करने की मांग उठाई।
27 अगस्त को कर्मचारी संगठनों ने राज्यव्यापी हड़ताल की। संगठनों ने दावा किया कि इसमें 3 लाख से अधिक कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रस्तावित बैठक भी नहीं हो पाई। सरकार ने सामूहिक छुट्टी को अनधिकृत अनुपस्थिति मानते हुए कर्मचारियों को कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सितंबर की शुरुआत में सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85 हजार कर्मचारियों के DA को 42 से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा। ये वे कर्मचारी थे, जिनका वेतन केंद्र के सातवें वेतन आयोग के पैटर्न पर आधारित था। हालांकि, कर्मचारी संगठनों ने इसे सभी कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं माना।
सितंबर में पेन डाउन स्ट्राइक, फिर 8% DA बढ़ाने का ऐलान
8 से 11 सितंबर के बीच कर्मचारियों ने पेन डाउन स्ट्राइक की। इसके जवाब में सरकार ने हड़ताल में शामिल होकर काम से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के लिए ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी किया। 18 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के बीच बैठक हुई। इसमें सरकार ने DA में 8 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की। इससे महंगाई भत्ता 42 से बढ़कर 50 फीसदी हो गया। इस घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। 23 सितंबर को वित्त विभाग ने इस बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया। इसे 1 सितंबर 2026 से लागू किया गया। इसका लाभ सितंबर के वेतन और अक्टूबर में मिलने वाली पेंशन में दिया गया।
हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सरकार ने 1 सितंबर को विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। प्रक्रिया संबंधी कमियां दूर करने के बाद इसे 1 अक्टूबर को दोबारा दाखिल किया गया। 2 नवंबर को पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि 1 जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2026 तक कर्मचारियों और पेंशनरों का करीब 22,818 करोड़ रुपये DA/DR बकाया है। सरकार के अनुसार, सभी लंबित दावों को जोड़ने पर कुल देनदारी करीब 32,418 करोड़ रुपये पहुंचती है। अब सरकार ने DA में 3 फीसदी की नई बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इससे कर्मचारियों और पेंशनरों को नियमित महंगाई भत्ते के रूप में अतिरिक्त रकम मिलेगी। हालांकि, पहले से लंबित DA/DR एरियर के भुगतान का मुद्दा अलग है और इस पर सरकार तथा कर्मचारियों के बीच विवाद का समाधान होना अभी बाकी है।
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