Punjab Weather Update : पंजाब में मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, आज 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार
पंजाब में मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, आज 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार
Punjab Weather Update : पंजाब के मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज राज्य के 13 जिलों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
पंजाब के आसमान पर इन दिनों बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। मौसम विभाग के जानकारों का मानना है कि सितंबर का महीना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ मानसून की वापसी की पटकथा भी लिखाई जाने लगी है। हिमाचल प्रदेश और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में हुई ताजी बर्फबारी का सीधा असर अब पंजाब के मैदानी इलाकों के तापमान पर साफ महसूस किया जा रहा है।
पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान लुढ़ककर मोहाली में 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं में हल्की ठंडक और पहाड़ों की तरफ से आ रही हवाओं ने मौसम को सुहाना जरूर बना दिया है, लेकिन बारिश का दायरा अब सिमटने लगा है।
इन 13 जिलों में बरस सकते हैं बादल
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, आज राज्य के जिन तेरह जिलों में हल्की बारिश या छिटपुट बौछारें पड़ने के आसार हैं, उनमें फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बरनाला, संगरूर और रूपनगर शामिल हैं। इनमें से कई इलाकों में केवल बूंदाबांदी या नाममात्र की बारिश दर्ज हो सकती है। कृषि और मौसम से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिहाज से अब बहुत ज्यादा असरदार नहीं होगी, क्योंकि मानसून की विदाई का वक्त नजदीक आ चुका है।
कैसे सक्रिय है मौसम का यह सिस्टम?
मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन इस समय पंजाब के कुछ हिस्सों से गुजर रही है। यह मौसमी रेखा रोहतक से होते हुए उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा, हरियाणा के ऊपर बना पुराना साइक्लोनिक सर्कुलेशन अब अपनी दिशा बदलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ आगे बढ़ गया है।
इन तमाम भौगोलिक बदलावों के बीच हिमाचल प्रदेश के आसपास एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी सक्रिय है। इन मिले-जुले वेदर सिस्टम्स के कारण ही चंडीगढ़ और पंजाब के आसमान पर बादलों का डेरा डला हुआ है और कुछ सीमित जगहों पर गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद बनी हुई है।
कब से पूरी तरह साफ होगा आसमान?
मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर गौर करें तो कल से पश्चिमी राजस्थान से मानसून के लौटने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। एक बार जब मानसून वहां से पीछे हटेगा, तो इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों यानी पंजाब और हरियाणा पर भी तेजी से पड़ेगा। आने वाले कुछ दिनों में पंजाब भर से बारिश की गतिविधियां लगभग थम जाएंगी और मौसम पूरी तरह से शुष्क हो जाएगा।
हालांकि, स्थानीय मौसम के प्रभाव (लोकल वेदर सिस्टम) के चलते इक्का-दुक्का जगहों पर थोड़े समय के लिए बादलों की लुकाछिपी जरूर देखने को मिल सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर बारिश का दौर अब इस सीजन के लिए विदा हो रहा है।
