Rapido License Restored: चंडीगढ़ में रैपिडो की सेवाओं को लेकर चल रहा लाइसेंस संबंधी मामला कंपनी के पक्ष में सुलझ गया है। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए परिवहन सचिव ने कंपनी का एग्रीगेटर लाइसेंस बहाल करने का फैसला सुनाया है। इससे रैपिडो के लिए शहर में वैध लाइसेंस के तहत अपनी सेवाएं जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, परिवहन सचिव ने संबंधित नियमों के तहत अपीलीय प्राधिकारी के रूप में मामले की सुनवाई की। सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने के बाद लाइसेंस बहाली का निर्णय लिया गया। कंपनी का दावा है कि इस फैसले के बाद फिलहाल चंडीगढ़ में वैध एग्रीगेटर लाइसेंस रखने वाला वह एकमात्र प्लेटफॉर्म बन गया है।
रैपिडो ने एसटीए के आदेश के खिलाफ की थी अपील
रैपिडो के लाइसेंस की बहाली राज्य परिवहन प्राधिकरण के पहले के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर हुई सुनवाई के बाद हुई है। कंपनी ने इस मामले में अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा था। इसके बाद परिवहन सचिव ने संबंधित नियमों के तहत फैसला सुनाया। कंपनी के अनुसार, सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। लाइसेंस बहाल होने के साथ रैपिडो को अब वैध अनुमति के आधार पर चंडीगढ़ में अपना परिचालन जारी रखने का अवसर मिल गया है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जून से अगस्त के बीच चंडीगढ़ में काम कर रहे प्रमुख एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। ऐसे में रैपिडो के लाइसेंस की बहाली कंपनी के परिचालन के लिहाज से अहम है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में लाइसेंस निलंबित करने के सभी कारणों और अन्य प्लेटफॉर्म्स की मौजूदा लाइसेंस स्थिति का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए रैपिडो के एकमात्र वैध लाइसेंसधारी होने की बात कंपनी के दावे के रूप में ही देखी जानी चाहिए।
यात्रियों को मिल सकता है किफायती सफर का विकल्प
रैपिडो का कहना है कि लाइसेंस बहाल होने से चंडीगढ़ में यात्रियों को सुविधाजनक और किफायती परिवहन विकल्प मिलते रहेंगे। शहर में रोजाना काम, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए आवाजाही करने वाले लोगों के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म परिवहन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराते हैं। कंपनी से जुड़े कैप्टन्स के लिए भी लाइसेंस बहाली अहम है। रैपिडो के मुताबिक, इससे प्लेटफॉर्म के साथ काम करने वाले लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने और आजीविका कमाने के अवसर मिलते रहेंगे। हालांकि, सेवाओं की उपलब्धता और किराये से जुड़ी वास्तविक स्थिति का आकलन परिचालन की मौजूदा व्यवस्था के आधार पर ही किया जा सकेगा।
रैपिडो के डायरेक्टर-ऑपरेशंस सुनील शाह ने लाइसेंस बहाल करने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने निष्पक्ष सुनवाई का अवसर देने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का आभार जताया। सुनील शाह ने कहा कि कंपनी सभी लागू नियमों का पालन करते हुए यात्रियों को सुलभ और किफायती सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। लाइसेंस बहाली के बाद कंपनी के सामने अब नियामकीय शर्तों का पालन करते हुए परिचालन जारी रखने की जिम्मेदारी होगी।
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