उबर-रैपिडो के लाइसेंस भी छह माह के लिए निलंबित, 100 दिन बाद खत्म हुआ चालकों का आंदोलन

चंडीगढ़ में Uber-Rapido के लाइसेंस 6 महीने के लिए निलंबित
Chandigarh Uber-Rapido: करीब 100 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे चंडीगढ़ के कैब चालकों के संघर्ष को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली। चंडीगढ़ प्रशासन ने उबर और रैपिडो के एग्रीगेटर लाइसेंस भी छह माह के लिए निलंबित कर दिए। इससे पहले ओला और इनड्राइव के लाइसेंस भी निलंबित किए जा चुके हैं। चारों प्रमुख कैब एग्रीगेटरों पर कार्रवाई के बाद सेक्टर-25 स्थित रैली मैदान में चल रहा कैब चालकों का धरना समाप्त हो गया। पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे दो चालकों ने भी अनशन खत्म कर दिया। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की ओर से जारी आदेश के अनुसार उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) के एग्रीगेटर लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह माह के लिए निलंबित किए गए हैं। एसटीए सचिव एवं लाइसेंसिंग अथॉरिटी नितिश सिंगला ने यह आदेश जारी किया।
प्रशासन के मुताबिक दोनों कंपनियों के खिलाफ नियमों और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन की शिकायतें मिली थीं। कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब और आवश्यक दस्तावेज देने का अवसर दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। आदेश में गैर-व्यावसायिक वाहनों के संचालन समेत अन्य नियमों के उल्लंघन का भी उल्लेख है। कैब यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह और चालक प्रिंस पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। मंगलवार को भाजपा नेता एवं पूर्व महापौर अरुण सूद रैली मैदान पहुंचे और दोनों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इसके साथ ही करीब 100 दिन से चल रहा धरना भी खत्म कर दिया गया।
अरुण सूद ने कहा कि कैब चालकों और यात्रियों के लिए भारत टैक्सी के रूप में एक विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि निजी कैब कंपनियों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही काम करना होगा और नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। आंदोलन समाप्त होने के बाद कैब चालकों ने इसे अपने करीब 100 दिन के संघर्ष की बड़ी जीत बताया। उन्होंने प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, परिवहन सचिव दीप्रवा लाकड़ा, एसटीए सचिव नितिश सिंगला और अरुण सूद का आभार जताया। चालकों का कहना था कि उनकी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाने और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मेयर सौरभ जोशी भी मंगलवार को रैली मैदान पहुंचे और आंदोलन समाप्त होने पर कैब चालकों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। लंबे संघर्ष के बाद आंदोलन समाप्त होने से रैली मैदान में मौजूद चालकों में खुशी का माहौल रहा।
