Sangrur Gurdwara Badrukhan Shooting Case : बडरुखां गुरुद्वारा साहिब गोलीकांड 12 घंटे में सुलझा, 3 आरोपी हथियारों सहित दबोचे
बडरुखां गुरुद्वारा साहिब गोलीकांड 12 घंटे में सुलझा, 3 आरोपी हथियारों सहित दबोचे
Sangrur Gurdwara Badrukhan Shooting Case : संगरूर के ऐतिहासिक गांव बडरुखां स्थित गुरुद्वारा साहिब में 28 और 29 सितंबर की दरमियानी रात हुई सनसनीखेज गोलीबारी और लूट के प्रयास के मामले को संगरूर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस आपराधिक वारदात में शामिल चार मुख्य षड्यंत्रकारियों की पहचान करते हुए उनमें से तीन को दबोच लिया है।
आरोपियों की मंशा गुरुद्वारा साहिब में चल रही कार सेवा के लिए एकत्रित नकदी को लूटने की थी। पुलिस ने गिरोह के पास से दो अवैध पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद की है।
सेवादार को बंधक बनाकर दागी थी गोली, एक घायल
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी संगरूर डॉक्टर रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि 28-29 सितंबर की आधी रात चार अज्ञात हथियारबंद व्यक्ति गुरुद्वारा साहिब से सटे कार सेवा कर्मचारियों के रिहायशी परिसर में जबरन दाखिल हुए। आरोपियों ने सबसे पहले वहां मौजूद सेवादार अजीब सिंह को हथियार के बल पर बंधक बना लिया।
इसी दौरान जब दूसरे सेवादार जसवंत सिंह ने खतरे को भांपते हुए शोर मचाया, तो लुटेरों ने उस पर सीधी गोली चला दी। गोली लगने से जसवंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया।
गुरुद्वारा अड़ीसर के पूर्व कर्मचारियों ने रची थी लूट की पटकथा
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साजिश की जड़ें पहले से गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़ी रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरबजीत सिंह, जगसीर सिंह और गुरजीत सिंह के रूप में हुई है, जबकि उनका चौथा साथी गगनदीप सिंह अभी फरार है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरबजीत सिंह और गुरजीत सिंह पहले गुरुद्वारा अडीसर में क्रमशः ट्रक ड्राइवर और लंगरी के तौर पर सेवा दे चुके हैं।
इन्हीं दोनों को भली-भांति जानकारी थी कि बडरुखां गुरुद्वारा साहिब में कार सेवा चलने के कारण बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई है। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने जगसीर और गगनदीप को साथ मिलाकर लूट की योजना बनाई थी।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड, कोर्ट से रिमांड लेगी पुलिस
एसएसपी के अनुसार आरोपी जगसीर सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही अहमदगढ़ तथा सदर रामपुरा थानों में आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड के दौरान वारदात में प्रयुक्त अन्य साक्ष्यों, अवैध हथियारों के नेटवर्क और फरार आरोपी गगनदीप सिंह के संभावित ठिकानों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
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