Rahul’s Sangrur Rally: पंजाब के संगरूर में बुधवार को कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ में पार्टी नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद, बेरोजगारी और उद्योगों की स्थिति को राज्य का बड़ा मुद्दा बताया। राहुल ने पंजाब के लोगों से कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील करते हुए कहा कि राज्य को ऐसी सरकार चाहिए जो नशे के खिलाफ लड़े, युवाओं को रोजगार दे, किसानों के साथ खड़ी रहे और उद्योगों को दोबारा मजबूत करे। रैली के संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने मंच पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को बुलाया। राहुल ने कहा कि कुछ देर पहले बलकौर सिंह उनसे मिलने आए थे। उनके भाषण की पहले से योजना थी, लेकिन मूसेवाला के पिता से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना संबोधन बदलने का फैसला किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि वे किस मूड में हैं और इसके बाद सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब में अपराध और नशे की समस्या पर बात शुरू की।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ साल पहले सिद्धू मूसेवाला उनसे मिलने उनके कार्यालय आए थे। उस समय वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे और न ही उनके गाने सुने थे। उन्हें बताया गया था कि वह अच्छे संगीतकार हैं और कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। राहुल के मुताबिक, मूसेवाला प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले, प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा थे। उनके शरीर पर टैटू बने हुए थे और उनमें पंजाब की आवाज बनने की क्षमता थी। राहुल ने बताया कि मुलाकात के दौरान उन्हें लगा था कि सिद्धू राजनीति में आ रहे हैं, इसलिए उन्हें राजनीतिक सुरक्षा मिलनी चाहिए और वह सहज महसूस करें। उन्होंने कहा कि बाद में उन्होंने मूसेवाला के गाने सुने, खासकर ‘295’। इसके बाद उन्हें उनके गीतों की गहराई समझ आई। राहुल ने आरोप लगाया कि मूसेवाला की सुरक्षा सार्वजनिक रूप से हटाई गई और दिनदहाड़े हमलावरों ने उनकी हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला के साथ जो हुआ, वह आज पंजाब में एक तरह का फैशन बन गया है। यह केवल एक हत्या की घटना नहीं, बल्कि राज्य की मौजूदा स्थिति को दिखाता है। राहुल ने कहा कि पंजाब में नशा सबसे बड़ा मुद्दा है और जब तक खेती, फैक्ट्रियां तथा उद्योग मजबूत नहीं होंगे, तब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। रोजगार के अवसर घटने पर नशे और गैंगस्टरवाद जैसी समस्याएं बढ़ेंगी और सड़कों पर गोलियां चलेंगी। राहुल ने याद दिलाया कि जब उन्होंने पहले पंजाब में नशे का मुद्दा उठाया था तो विपक्ष के लोगों ने कहा था कि राज्य में नशा नहीं फैल रहा और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि रैली से पहले कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बातचीत में भी सभी ने नशे को पंजाब का सबसे बड़ा मुद्दा बताया। राहुल ने सवाल किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद नशे के खिलाफ किए गए वादों में से कौन-सा वादा पूरा हुआ।
भगवंत मान पर शराब को लेकर टिप्पणी
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह लोकसभा में थे, तब मान उनके पास बैठकर चुटकुले सुनाया करते थे। उन्होंने दावा किया कि सुबह 11 बजे मान के मुंह से शराब की बदबू आती थी। राहुल ने कहा कि शराब पीना किसी का निजी मामला हो सकता है, लेकिन नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले मुख्यमंत्री को खुद हर शाम नशा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जिसके दिल में राज्य और नशे की समस्या को लेकर दर्द हो और जो इस लड़ाई में आगे खड़ा हो। राहुल ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने और महिलाओं को चार साल तक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन ये वादे पूरे नहीं हुए। राहुल ने कहा कि पंजाब के किसान राज्य की रीढ़ हैं। उन्होंने सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश को भोजन उपलब्ध कराया है। सरकार लंबे-लंबे भाषण देती है, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की रक्षा करने और छोटे तथा मध्यम उद्योगों को फिर से मजबूत करने का काम कर सकती है।
पंजाब की सरकार दिल्ली से चलने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पंजाब की मौजूदा सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो पंजाब का मुख्यमंत्री ही राज्य चलाएगा। न तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और न ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब की सरकार चलाएंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि अभी पंजाब सरकार की आधी लगाम अमित शाह और आधी अरविंद केजरीवाल के हाथ में है। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार चाहिए जो राज्य के हितों के लिए फैसले ले और यहां के लोगों के प्रति जवाबदेह हो। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि पंजाब की जेलों में गैंगस्टर पाले जा रहे हैं। उन्होंने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर बात करने वालों को मणिपुर के हालात पर भी जवाब देना चाहिए। राहुल के मुताबिक, नशे और गैंगस्टरवाद पर लगाम लगाने के लिए खेती और उद्योगों को मजबूत करना जरूरी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने के वादे पर राहुल गांधी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद अमित शाह गृह मंत्री नहीं होंगे, यह उनका आकलन है। राहुल ने मुंद्रा पोर्ट पर पकड़े गए नशे के मामले का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल घोषणाएं करना काफी नहीं है। इसके लिए ठोस कार्रवाई, रोजगार के अवसर और उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। राहुल ने दावा किया कि मौजूदा सरकार पंजाब से नशा खत्म करने में सक्षम नहीं है।
PM मोदी को फिर बहस की चुनौती
रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कहीं भी आकर उनके साथ बहस करने के लिए कहा है, लेकिन मोदी उनके सामने बैठकर चर्चा नहीं कर सकते। राहुल ने दावा किया कि वह पांच मिनट में साबित कर देंगे कि प्रधानमंत्री ‘देशद्रोही’ हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें नियंत्रित करते हैं। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री कांग्रेस नेताओं को देशद्रोही कहते हैं, इसलिए उन्होंने उन्हें सीधे बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि बहस के लिए कोई भी व्यक्ति जज बन सकता है, चाहे वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत हों या उद्योगपति गौतम अदाणी। राहुल ने आरोप लगाया कि संसद में जब विपक्ष चर्चा की मांग करता है तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन्हें बोलने नहीं दिया जाता।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पांच मिनट में समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए और अमेरिकी दबाव में भारत के किसानों, उद्योगों तथा देश के डेटा के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप बार-बार दावा करते हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया, लेकिन प्रधानमंत्री इस दावे पर कुछ नहीं बोलते। राहुल ने अमेरिका में गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद ट्रंप ने अमेरिका में अदाणी के खिलाफ मामला बंद करवा दिया। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री अरबपतियों और अदाणी के लिए काम कर रहे हैं, जबकि किसानों और उद्योगों के हितों की अनदेखी हो रही है।
कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील
राहुल गांधी ने पंजाब के लोगों से कांग्रेस की सरकार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब को पंजाब की सरकार मिलनी चाहिए। ऐसी सरकार चुनी जानी चाहिए जो नशे के खिलाफ लड़ाई लड़े, युवाओं को रोजगार दे, उद्योगों को बचाए और किसानों के साथ खड़ी रहे। उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब में छोटे और मध्यम उद्योगों का मजबूत आधार था। कांग्रेस की सरकार किसानों की रक्षा करने और उद्योगों को दोबारा मजबूत करने का काम कर सकती है। राहुल के मुताबिक, जब तक खेती और उद्योगों में मजबूती नहीं आएगी, तब तक रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे और नशे तथा गैंगस्टरवाद की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण मुश्किल होगा।
खड़गे का AAP सरकार पर हमला, बोले- वसूली का पैसा दिल्ली जाता है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रैली में आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में वोट चोरी हुई है और कई जगह ‘वोट चोरों’ की सरकार चल रही है। खड़गे ने दिल्ली में बैठी सरकार को भी ‘वोट चोरों की सरकार’ बताया। पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि राज्य में वसूली का पैसा सीधे दिल्ली पहुंचता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे नेताओं ने पंजाब के हर विभाग में अपने लोग बैठा रखे हैं, जो पैसा दिल्ली भेजते हैं। खड़गे ने कहा कि अपने 60 साल के राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी सरकार नहीं देखी और आम आदमी पार्टी को भ्रष्ट सरकार बताया।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ करार दिया। खड़गे ने गोवा और गुजरात का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को AAP ने नुकसान पहुंचाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में आम आदमी पार्टी का कोई खास आधार नहीं है, वहां जाकर वह भाजपा और RSS को बढ़ावा क्यों देती है। खड़गे ने कहा कि ऐसी राजनीति को समय रहते नहीं रोका गया तो पंजाब की पहचान को नुकसान पहुंच सकता है।


