KC Venugopal Chandigarh Visit: कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली महारैली के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने इस कार्यक्रम को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान से जोड़ा है। राहुल गांधी इस रैली का नेतृत्व करेंगे, जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। पंजाब कांग्रेस को इस रैली में कम से कम 50 हजार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए राज्य के वरिष्ठ नेताओं और जिला इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी जानी है। केसी वेणुगोपाल का चंडीगढ़ दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है। बैठकों में जिलावार कार्यकर्ताओं की भागीदारी, परिवहन व्यवस्था और संगठन के स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने पर चर्चा होगी। कांग्रेस की कोशिश है कि दिल्ली में होने वाली रैली में पंजाब की भागीदारी प्रभावी रहे। इसके लिए पार्टी के सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, जिला अध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों को एकजुट करने पर जोर दिया जा रहा है।
SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली की रैली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाएंगे। विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूचियों में अनियमितताएं हुई हैं और कई मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है। कांग्रेस ने इस अभियान को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और ‘चलो दिल्ली’ के नारों के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी की है। पार्टी के मुताबिक, रैली में राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मंच साझा करेंगे। इसका उद्देश्य मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। हालांकि, मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और नाम हटाए जाने से जुड़े आरोप विपक्ष के हैं। इन आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग के जवाब के आधार पर देखना जरूरी है।
केसी वेणुगोपाल सोमवार को पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और जिला कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान दिल्ली रैली के लिए कार्यकर्ताओं को जुटाने के साथ-साथ पंजाब में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। बैठक में प्रताप सिंह बाजवा, राजा वड़िंग, सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका अहम रहेगी। जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और दिल्ली पहुंचने की योजना पर भी विचार किया जाएगा। वेणुगोपाल के दौरे का दूसरा बड़ा एजेंडा राहुल गांधी की 4 नवंबर को प्रस्तावित संगरूर रैली है। पंजाब कांग्रेस इस कार्यक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रही है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि रैली से पहले संगठन के भीतर तालमेल मजबूत हो और जिला स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
4 नवंबर को संगरूर से चुनावी अभियान शुरू करेंगे राहुल गांधी
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी 4 नवंबर को संगरूर का दौरा करेंगे। इस कार्यक्रम के साथ पार्टी राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारियों को गति देना चाहती है। संगरूर मालवा क्षेत्र में आता है, जिसका पंजाब की चुनावी राजनीति में अहम स्थान है। कांग्रेस की रणनीति के तहत राहुल गांधी की रैली से पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया जाएगा। संगठन को मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों को उठाने और लोगों से सीधा संपर्क बढ़ाने पर जोर रहेगा। पार्टी की योजना है कि चुनाव से पहले पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क गतिविधियां बढ़ाई जाएं। संगरूर में होने वाला कार्यक्रम इसी दिशा में एक अहम आयोजन माना जा रहा है। केसी वेणुगोपाल की चंडीगढ़ बैठक में इस रैली की तैयारियों और नेताओं की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा होगी।
केसी वेणुगोपाल का चंडीगढ़ दौरा एक दिवसीय है। दिनभर बैठकों के बाद वह शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इन बैठकों से पंजाब कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पार्टी के सामने दो प्रमुख लक्ष्य हैं। पहला, 1 नवंबर की दिल्ली रैली में पंजाब से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और दूसरा, 4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के जरिए 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाना।

