सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी सविता पूनिया
भारतीय महिला हॉकी की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया
Savita Punia record: भारतीय महिला हॉकी की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने सोमवार को अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। एशियाई खेलों में पूल बी के मुकाबले में इंडोनेशिया के खिलाफ मैदान पर उतरते ही सविता ने 321 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए और पूर्व साथी खिलाड़ी वंदना कटारिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारत ने इस मुकाबले में इंडोनेशिया को 17-1 से हराया। टीम की बड़ी जीत के साथ सविता के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी यादगार बन गया। भारतीय हॉकी में लंबे समय से गोलपोस्ट के सामने मजबूत दीवार के तौर पर पहचान बनाने वाली सविता अब महिला खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारतीय बन चुकी हैं।
सविता की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह सम्मान उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और भारतीय महिला हॉकी में योगदान को देखते हुए दिया गया है। सविता ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया था। इसके बाद करीब डेढ़ दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में किया है। वह तीन ओलंपिक, तीन विश्व कप और दो एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।
300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला गोलकीपर
सविता ने फरवरी 2025 में एफआईएच प्रो लीग में नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या 300 तक पहुंचाई थी। इसके बाद वह वंदना कटारिया के साथ 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारतीय महिला खिलाड़ियों में शामिल हुईं। वहीं, पुरुष हॉकी में पीआर श्रीजेश के बाद सविता भारत की ऐसी गोलकीपर हैं, जिन्होंने 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। लगातार लंबे समय तक टीम के गोलपोस्ट की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
सविता के प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बार पहचान मिली है। उन्हें 2020, 2021 और 2023 में एफआईएच की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया था। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं और कई बड़े टूर्नामेंटों में टीम की अहम खिलाड़ी रही हैं। इसी साल सविता को पद्मश्री सम्मान भी मिला है। लंबे समय तक भारतीय हॉकी की सेवा करने वाली सविता ने अपने रिकॉर्ड पर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस मुकाम तक पहुंचेंगी। उन्होंने अपने परिवार, कोचों, साथी खिलाड़ियों और करियर के दौरान साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। सविता ने कहा कि जब उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब उनका लक्ष्य सिर्फ टीम में जगह बनाकर अपने परिवार को गौरवान्वित करना था।
युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने की उम्मीद
सविता ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बनेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा देश की युवा लड़कियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। 321 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा सविता के लिए सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला हॉकी में उनके लंबे योगदान को भी दर्शाता है। गोलपोस्ट के सामने उनके अनुभव और निरंतरता ने उन्हें भारतीय हॉकी की सबसे पहचान रखने वाली खिलाड़ियों में शामिल किया है।
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