Shimla drug smuggling: शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब अवैध संपत्तियों और सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को निशाने पर लिया है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े ठिकानों और अवैध निर्माणों को हटाकर इस धंधे से होने वाली कमाई तथा उससे जुड़े ढांचों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के समीप लोक निर्माण विभाग (PWD) की सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, यह मामला चिट्ठा तस्करी के खिलाफ NDPS Act के तहत दर्ज उस केस से जुड़ा है, जिसकी जांच पुलिस थाना कोटखाई कर रहा है। मामले की समीक्षा के दौरान सरकारी जमीन पर पांच दुकानों और एक स्टोर का निर्माण होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये मूल्य की पांच दुकानों को ध्वस्त कर दिया। साथ ही एक स्टोर को अपने कब्जे में ले लिया गया।
आठ अक्टूबर को रोहड़ू में भी गिराया गया था अवैध रेस्टोरेंट
शिमला पुलिस ने इससे पहले 8 अक्टूबर को रोहड़ू क्षेत्र में एक नशा तस्कर के अवैध रेस्टोरेंट को भी बुलडोजर से ध्वस्त किया था। पुलिस के अनुसार, जिले में नशा तस्करी से जुड़े लोगों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहली बार शुरू की गई है। पुलिस की रणनीति केवल नशे की खेप पकड़ने या आरोपियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं है। इसके तहत तस्करी से जुड़ी संपत्तियों, निर्माणों और संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े ढांचों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। पुलिस के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में दो नशा तस्करों से जुड़ी अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा चुका है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस नशा तस्करी से जुड़े अवैध निर्माणों पर आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर भी दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
940 सत्यापन के बाद 58 संभावित अवैध संपत्तियां चिन्हित
शिमला पुलिस ने NDPS Act के तहत नशा तस्करी से जुड़ी संपत्तियों की जांच और सत्यापन का काम फरवरी से तेज किया था। इस प्रक्रिया में अब तक 940 सत्यापन किए जा चुके हैं। पुलिस ने इन सत्यापनों के आधार पर 58 संभावित अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया है। इन संपत्तियों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जानी है। सरकारी जमीन पर कब्जे या अवैध निर्माण के मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है। शिमला पुलिस की इस रणनीति में नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की जांच पर भी जोर है। आने वाले समय में चिन्हित संपत्तियों के सत्यापन और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, किसी संपत्ति के खिलाफ अंतिम कार्रवाई संबंधित तथ्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी।
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