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हिंदुत्व समर्थक ‘इन्फ्लुएंसर’ भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

हिंदुत्व समर्थक ‘इन्फ्लुएंसर’ भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

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VVinita Kohli

Swatantra Bhardwaj Case: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को हिंदुत्व समर्थक ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामला जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता संजय कुमार पर कथित हमले से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी है। भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई उस समय हुई जब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने कथित हमले के मामले में भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।

 

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इंटरव्यू के बाद बढ़ा था विवाद

भारद्वाज की गिरफ्तारी की कार्रवाई एक साक्षात्कार को लेकर उठे आक्रोश के बाद हुई। इस इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उन्होंने छात्र कार्यकर्ता के पिता का ‘सिर फोड़ दिया था’। उन्होंने अपने राजनीतिक संबंधों के कारण गिरफ्तारी से बचने का दावा भी किया था। इंटरव्यू में भारद्वाज ने कहा था, “मैंने सिर फोड़ दिया था… क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन-सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे।”यह बयान सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई और मामला फिर चर्चा में आ गया।

 

पहले पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ

हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद शनिवार को भारद्वाज को न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर के आवास पर पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। अदालत ने पुलिस की याचिका स्वीकार करते हुए एक दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। इसके बाद रविवार को भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

 

अब 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने सोमवार को भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी। यानी अब उन्हें इस अवधि तक जेल में रहना होगा, जब तक अदालत की ओर से आगे कोई आदेश नहीं आता। मामले की जांच जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटना और भारद्वाज के इंटरव्यू में किए गए दावों के इर्द-गिर्द भी आगे बढ़ सकती है।

 

FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं

जून में कॉजपा के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता संजय कुमार पर कथित हमले को लेकर FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इसके अलावा आपराधिक धमकी से संबंधित धाराएं भी FIR में शामिल की गई हैं। अदालत में आगे की कार्यवाही के दौरान पुलिस की जांच और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सुनवाई होगी।

 

गिरफ्तारी के बाद अब अदालत की निगरानी में मामला

भारद्वाज की हिरासत के बाद यह मामला अब अदालत की निगरानी में आगे बढ़ रहा है। एक तरफ पुलिस कथित हमले से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, वहीं अदालत ने न्यायिक हिरासत की अवधि 21 सितंबर तक बढ़ा दी है। यहां यह स्पष्ट है कि भारद्वाज पर लगाए गए हमले और अन्य आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की आगे की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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