Mahendragarh News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय इकाई ने मूलचंद ऑडिटोरियम में ‘युवती सम्मेलन—वीरांगना’ का आयोजन किया। महिला-केंद्रित इस सम्मेलन में महेंद्रगढ़ जिले की शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की उपलब्धियों को पहचान देना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और महिला नेतृत्व के विचार को बढ़ावा देना रहा। सम्मेलन में अभाविप के ‘पंच परिवर्तन’—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्यों—को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक विजेता पैरा-एथलीट शर्मिला धनकड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने 34 वर्ष की आयु में पैरा-एथलेटिक्स शुरू कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए स्वर्ण जीतने तक की अपनी प्रेरणादायी यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता संभव है।
अभाविप केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य तृप्ति सैनी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को व्यक्तिगत उपलब्धियों को समाज और राष्ट्र के विकास से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद जैसे राष्ट्रवादी संगठन के साथ मिलकर देश की स्थिरता कायम रखी जा सकती है।
आरपीएस संस्थान की चेयरपर्सन पवित्रा राव ने छात्राओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने के महत्व पर प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुनीता श्रीवास्तव ने की।
सम्मेलन में जिले की उन बेटियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। योग प्रस्तुति ने स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया, जबकि विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘वीरांगना वॉक’ ने भारतीय वीरांगनाओं के साहस और नारी शक्ति को प्रभावशाली ढंग से दिखाया।
कार्यक्रम के अंत में प्रांत छात्रा प्रमुख डॉ. इंदु ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन किया। नगर सह मंत्री मधु, हेमंत सहित अभाविप के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

