Tarn Taran Drug Seizure : तरनतारन में 7 किलो हेराइन और 4 पिस्टल सहित 2 तस्कर गिरफ्तार
तरनतारन में 7 किलो हेराइन और 4 पिस्टल सहित 2 तस्कर गिरफ्तार
Tarn Taran Drug Seizure : सीमावर्ती जिले तरनतारन में पुलिस ने नशा और हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। सीआईए स्टाफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को दबोचा है, जिनके पास से 7 किलो से ज्यादा हेरोइन और चार विदेशी पिस्तौल बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में इन तस्करों के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े होने का खुलासा हुआ है।
खुफिया इनपुट पर आधारित रही सीआईए स्टाफ की कार्रवाई
पंजाब में अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत तरनतारन पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। डीजीपी गौरव यादव, डीआईजी फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा और एसएसपी सुरेंद्र लांबा के दिशा-निर्देशों के मुताबिक पुलिस महकमा लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है।
इसी कड़ी में एसपी (डी) रिपुतापन सिंह और डीएसपी (डी) शिवदर्शन सिंह की निगरानी में सीआईए स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर रुपिंदरपाल सिंह की टीम ने जाल बिछाया। पुलिस को सटीक ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस से यह भनक लग गई थी कि सीमा पार से मादक पदार्थों और हथियारों की एक बड़ी खेप पहुंचाई जाने वाली है।
खालड़ा इलाके में नाकाबंदी के दौरान धरे गए आरोपी
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि जगतबीर सिंह और रणजीत सिंह नाम के दो युवक पाकिस्तान में बैठे तस्करों के इशारे पर काम कर रहे हैं। ये दोनों तस्कर हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल पर सवार होकर खालड़ा के रास्ते से ड्रेन के पास गांव मुगलचक की तरफ हेरोइन की खेप लेकर आ रहे थे। इस सूचना के बाद थाना खालड़ा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तुरंत नाकाबंदी कर दी गई।
सीआईए टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान दोनों आरोपियों को धर दबोचा। डीएसपी भिखीविंड अतुल सोनी की मौजूदगी में जब इनकी तलाशी ली गई, तो इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई।
रिमांड के दौरान खुला हथियारों का राज
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी रणजीत सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने चार अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल बरामद किए। इनमें दो विदेशी जिगाना पिस्तौल और दो .30 बोर के पिस्तौल शामिल हैं। इस खुलासे के बाद मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी गईं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ये हथियार और ड्रग्स पंजाब के अलग-अलग जिलों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने और माहौल खराब करने के लिए मंगाए गए थे।
नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स खंगाल रही पुलिस
तरनतारन पुलिस अब इस सिंडिकेट की गहराई तक पहुंचने के लिए आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और फोन कॉल्स की डिटेल्स खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सीमा पार से इस खेप को भारत में रिसीव करने के बाद आगे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। जांच अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है, क्योंकि यह गिरोह एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।
