Winter Vegetables Gardening: सर्दियों के आते ही रसोई में हरी-भरी और ताजी सब्जियों की बहार आ जाती है। यदि आपको भी अपने घर की छत, बालकनी या छोटे से आंगन में गार्डनिंग करने का शौक है, तो अक्टूबर और नवंबर का यह महीना आपके लिए सबसे सुनहरा अवसर लेकर आया है। इस दौरान तापमान में जो हल्की ठंडक घुलती है, वह पौधों के विकास के लिए एकदम अनुकूल होती है। इस समय लगाई गई सब्जियां न सिर्फ तेजी से बढ़ती हैं, बल्कि बाजार के मिलावटी और रसायनों से दूर आपको पूरी तरह शुद्ध और पोषक तत्वों से भरपूर फसल देती हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में कौन-कौन सी सब्जियों को गमलों या क्यारियों में आसानी से उगाया जा सकता है।
पत्तेदार सब्जियां: पालक और मेथी
पालक: सर्दियों के दिनों में पालक की मांग हर घर में रहती है। अक्टूबर से नवंबर के बीच इसके बीजों की बुवाई आसानी से की जा सकती है। यह बहुत तेजी से पनपती है और मात्र 30 से 40 दिनों के भीतर कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। आयरन, कैल्शियम और विटामिन ए से भरपूर पालक सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
मेथी: मेथी को घर पर उगाना बेहद आसान है। इसके बीजों को मिट्टी में छिड़ककर हल्की परत से ढक दिया जाता है। करीब 25 से 30 दिनों में इसकी हरी-भरी पत्तियां इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाती हैं। घर की उगाई गई मेथी खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर को गर्माहट भी देती है।
रसोई की जान: हरा धनिया
हर भारतीय रसोई में धनिया के बिना पकवानों का स्वाद अधूरा माना जाता है। अक्टूबर से दिसंबर तक के महीनों में इसके बीज आसानी से बोए जा सकते हैं। धनिया के पौधों को हल्की धूप और नियमित रूप से हल्की नमी वाली मिट्टी पसंद होती है। घर के गमले में उगाया गया हरा धनिया बाजार में मिलने वाले धनिया के मुकाबले कहीं ज्यादा सुगंधित और ताजा होता है।
जड़ वाली और मौसमी फसलें: मूली, गाजर और मटर
मूली: ठंडे मौसम में जड़ वाली सब्जियां बहुत अच्छी पैदावार देती हैं। अक्टूबर और नवंबर के दौरान मूली के बीज बोने से करीब 40 से 50 दिनों में यह खाने योग्य हो जाती है। इसकी हरी कोमल पत्तियां भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जिनका इस्तेमाल सब्जी या पराठे बनाने में किया जाता है।
गाजर: गाजर की बेहतर बढ़वार के लिए ठंडी आबोहवा सबसे अच्छी मानी जाती है। अक्टूबर के महीने में बोई गई गाजर की जड़ें मिट्टी के भीतर बहुत अच्छी तरह विकसित होती हैं। विटामिन ए से भरपूर गाजर सर्दियों में आंखों और सेहत के लिए अमृत समान होती है।
मटर: सर्दियों के मौसम की यह सबसे लोकप्रिय सब्जी है। अक्टूबर से नवंबर के बीच इसकी बुवाई करने पर पौधों पर ढेरों फलियां लगती हैं। मटर के पौधों को बढ़ने के दौरान थोड़े सहारे की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन थोड़ी सी देखभाल के बदले यह आपको बंपर पैदावार देते हैं।
फूलगोभी और पत्तागोभी का समय
ठंड के मौसम में फूलगोभी और पत्तागोभी का स्वाद ही अलग होता है। इन दोनों सब्जियों को उगाने के लिए आप नर्सरी से सीधे स्वस्थ पौधे लाकर लगा सकते हैं या इन्हें बीजों से भी तैयार कर सकते हैं। समय पर उचित सिंचाई और पर्याप्त धूप मिलने पर इनकी बेहतरीन फसल प्राप्त होती है।
गार्डनिंग करते समय इन बातों का रखें खास ख्याल
गमले या क्यारी की मिट्टी तैयार करते समय उसमें पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद (कम्पोस्ट) जरूर मिलाएं।
पौधों को उनकी जरूरत के हिसाब से ही रोजाना पानी दें, ताकि नमी बनी रहे।
इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी का ठहराव (जलभराव) न हो, वरना पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं।
कीड़े और कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए समय-समय पर नीम के तेल के घोल का छिड़काव करें।
पौधों को दिनभर में कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप जरूर मिलनी चाहिए, जिससे उनका प्रकाश संश्लेषण सुचारू रूप से चल सके।
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