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Yamunanagar News: कलेसर के जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, खैर तस्करी का बड़ा सिंडिकेट बेनकाब

GGaganpreet Kaur
Yamunanagar News: कलेसर के जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक, खैर तस्करी का बड़ा सिंडिकेट बेनकाब

कलेसर के जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक

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Yamunanagar News: रघबीर सिंह, प्रताप नगर। यमुनानगर के सुप्रसिद्ध कलेसर वन्य जीव विहार और छछरौली रेंज के कीमती जंगलों पर बुरी नजर रखने वाले खैर तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 18 अगस्त की अलसुबह वन विभाग और डायल 112 पुलिस की संयुक्त टीम ने छछरौली क्षेत्र में एक ठिकाने पर दबिश देकर 2,490 किलोग्राम (लगभग 2.5 टन) कीमती खैर की लकड़ी से लदे वाहन को कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर ही दो शातिर तस्करों को दबोच लिया गया, जबकि वन तस्करों का एक नामी चेहरा पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा।

तड़के 2:50 बजे मिला इनपुट, 4:20 बजे नजमा के घर पर रेड

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यह पूरा घटनाक्रम 18 अगस्त की भोर में शुरू हुआ। करीब पौने तीन बजे छछरौली बीट इंचार्ज सुरिन्द्र कुमार को पुख्ता मुखबिरी मिली कि छछरौली निवासी नजमा के घर के बाहर जंगलों से चोरी-छिपे काटी गई खैर की लकड़ी लोड की जा रही है। नजमा का बेटा आसिफ खान उर्फ बोबी इस पूरी खेप को एक पिकअप गाड़ी में भरकर मंडी में ठिकाने लगाने की फिराक में था।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप वन राजिक नरेश कुमार (डारपुर ब्लॉक इंचार्ज) के नेतृत्व में तुरंत नाइट गश्त पर तैनात 112 पुलिस टीम को साथ जोड़कर रणनीतिक योजना बनाई गई। तड़के 4:20 बजे जब टीम ने नजमा के घर के बाहर छापा मारा, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। सफेद रंग की टाटा इंट्रा पिकअप (HR58D-8949) में तीन लोग लकड़ी भर रहे थे। मुस्तैद टीम ने घेराबंदी करके असलम (निवासी चिचकन) और जाकिर (निवासी चिचकन) को धर दबोचा, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ खान उर्फ बोबी अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गया।

धर्म कांटे पर हुआ वजन, पुरानी चोरी से तार जुड़े

कार्रवाई के बाद जब्त वाहन को जगाधरी-पोंटा मार्ग पर स्थित छछरौली धर्म कांटे पर ले जाया गया। रसीद संख्या 2265 के मुताबिक गाड़ी का कुल वजन 3,960 किलो और खाली गाड़ी का वजन 1,470 किलो दर्ज हुआ, जिससे लकड़ी का शुद्ध वजन 2,490 किलोग्राम निकला। वाहन से 125 छिले हुए कीमती खैर के टुकड़े बरामद हुए।

विभाग की जांच टीम ने जब जंगलों में जाकर पड़ताल की, तो बरामद लकड़ी के साइज का मिलान कलेसर के डारपुर, अराईयांवाला और छछरौली के जाटांवाला संरक्षित वन क्षेत्रों में हाल में काटे गए खैर के पेड़ों की मुंडियों (ठूंठों) से हूबहू हो गया। इससे यह साफ हो गया कि यह लकड़ी इन्हीं वनों से अवैध रूप से काटी गई थी, जिसके दर्ज अपराधों से इसके सीधे तार जुड़ गए हैं।

आदतन अपराधी हैं तस्कर, वाहन मालिक पर भी कसेगा शिकंजा

पूछताछ और विभागीय पड़ताल में आरोपियों के काले कारनामों का लंबा चिट्ठा सामने आया है। पकड़ा गया असलम कोई नौसिखिया नहीं है; उसके खिलाफ प्रतापनगर थाने में वन अपराधों के 3 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं फरार आरोपी आसिफ उर्फ बोबी के खिलाफ अंबाला के नारायणगढ़ थाने में वर्ष 2025 का केस दर्ज है।

जिस पिकअप का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था, वह बेगमपुर निवासी जरीना के नाम पंजीकृत है। अब विभाग नजमा, आसिफ, असलम, जाकिर और वाहन मालकिन जरीना—पांचों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं में मुकदमा चला रहा है। वन्यजीव निरीक्षक राजबीर सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।

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