August 3, 2026

Train Viral Video: जनरल डिब्बे में फर्राटा पंखा चलाने लगा यात्री, ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट से जुड़ा बड़ा खतरा जानिए

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Train Viral Video: जनरल डिब्बे में फर्राटा पंखा चलाने लगा यात्री, ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट से जुड़ा बड़ा खतरा जानिए

जनरल डिब्बे में फर्राटा पंखा चलाने लगा यात्री, ट्रेन के चार्जिंग सॉकेट से जुड़ा बड़ा खतरा जानिए

Train Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक अजीबोगरीब वीडियो तेजी से देखा जा रहा है। ट्रेन के जनरल डिब्बे में चढ़े एक यात्री को जब गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई, तो वह घर में इस्तेमाल होने वाला बड़ा फर्राटा पंखा लेकर सीधे सॉकेट के पास पहुंच गया। यात्री ने जैसे ही पंखे का प्लग ट्रेन के मोबाइल चार्जिंग पॉइंट में ठोंकने की कोशिश की, आसपास बैठे सहयात्री हैरान रह गए। किसी ने इस पल का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।

मोबाइल सॉकेट में क्यों नहीं चल सकता फर्राटा पंखा?

देखने में भले ही यह घटना हास्यास्पद लगे, लेकिन तकनीकी लिहाज से यह ट्रेन में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा है।

दरअसल, घरों में इस्तेमाल होने वाले पंखे, रूम हीटर, इलेक्ट्रिक केतली या इंडक्शन कुकटॉप 230 वोल्ट (AC) बिजली पर काम करते हैं। इसके विपरीत, भारतीय ट्रेनों में उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट बेहद कम क्षमता वाले (लगभग 110V DC) परिपथ से जुड़े होते हैं, जिनका निर्माण केवल मोबाइल फोन, पावर बैंक या टैबलेट जैसे कम बिजली की खपत वाले गैजेट्स को ध्यान में रखकर किया गया है।

एक लापरवाही और धधक सकती है पूरी बोगी

जब कोई यात्री इन सॉकेट्स में भारी इलेक्ट्रिकल उपकरण लगाने का प्रयास करता है, तो ट्रेन की आंतरिक वायरिंग पर एकाएक अत्यधिक लोड पड़ता है। इससे पूरी सर्किट का फ्यूज उड़ सकता है और गंभीर मामलों में तारों का इंसुलेशन पिघलकर शॉर्ट सर्किट हो सकता है। ट्रेन के भीतर फाइबर और कपड़े का सामान होने के कारण छोटी सी चिंगारी भी देखते ही देखते भयावह आग का रूप ले सकती है। इतना ही नहीं, एक भी सॉकेट खराब होने पर उस पूरी सीरीज के बाकी सॉकेट काम करना बंद कर देते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है।

क्या हैं रेलवे के नियम और क्या चार्ज करना है सुरक्षित?

रेलवे सुरक्षा नियमों के अनुसार, ट्रेनों के भीतर सिर्फ मोबाइल, पावर बैंक और कुछ चुनिंदा कोचों में निर्धारित लैपटॉप ही चार्ज किए जा सकते हैं। रेलवे प्रशासन समय-समय पर यात्रियों से अपील करता रहा है कि वे सफर के दौरान किसी भी तरह के अवैध पावर हेरफेर से बचें। यात्रा के दौरान जरा सी लापरवाही न केवल कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि सैकड़ों सहयात्रियों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डाल सकती है।

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