Rohtak News: रोहतक में मचा सियासी बवाल, बीजेपी पार्षद ने कांग्रेस विधायक को दी ‘निपटाने’ की धमकी, लीगल एक्शन की तैयारी

रोहतक में मचा सियासी बवाल, बीजेपी पार्षद ने कांग्रेस विधायक को दी 'निपटाने' की धमकी, लीगल एक्शन की तैयारी
Rohtak News: रोहतक की स्थानीय राजनीति में जुबानी तीर अब धमकियों और तीखे बयानों तक पहुंच गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के वार्ड नंबर 7 से पार्षद कपिल नागपाल और रोहतक से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा के बीच का सियासी तनाव अब सीधे टकराव के मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। पार्षद नागपाल द्वारा विधायक को सार्वजनिक तौर पर ‘निपटाने’ की बात कहे जाने के बाद कांग्रेस पूरी तरह से हमलावर हो गई है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने इसे सीधे तौर पर जनप्रतिनिधि को दी गई धमकी करार दिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के करीबी माने जाने वाले बीजेपी पार्षद कपिल नागपाल ने मीडिया के सामने आकर विधायक भारत भूषण बतरा पर सनसनीखेज आरोप लगाए। नागपाल का दावा है कि बीते दिनों रात करीब 12 बजे विधायक के इशारे पर कुछ लोगों ने उनके घर के बाहर आकर नारेबाजी की और 12 सालों के विकास कार्यों का हिसाब मांगा। नागपाल के मुताबिक, जब उन्होंने आए हुए लोगों से बिजली दफ्तर या विधायक कार्यालय जाकर सवाल पूछने को कहा तो वे मुकर गए, जिससे साफ है कि यह पूरी कवायद विधायक द्वारा ही प्रायोजित थी।
कांग्रेस नेताओं का पलटवार: भाषा संयमित रखें या कानूनी कार्रवाई झेलें
पार्षद के आरोपों और ‘निपटाने’ वाली टिप्पणी पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक चुने हुए प्रतिनिधि को ऐसी सड़कछाप और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता। खन्ना ने तंज कसते हुए कहा कि कपिल नागपाल कभी अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष को निपटाने की बात करते हैं, तो कभी विधायक को। आखिर उनकी मंशा क्या है? अगर वे अपने शब्दों पर तुरंत सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।
इसी कड़ी में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुनील बल्ली ने भी पार्षद नागपाल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से ही राजनीतिक दल बनते हैं, और ‘चेले निपटा दिए’ जैसे शब्दों का प्रयोग किसी राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा नहीं हो सकता। बल्ली ने सलाह दी कि पार्षद को पूरे शहर या दूसरे वार्डों की चिंता छोड़कर पहले अपने क्षेत्र के विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के प्रति इस तरह की भाषा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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