Civil Hospital Sirsa: सिरसा सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में बड़ी लापरवाही, 4 दिन के नवजात के शरीर पर रेंगी चींटियां

सिरसा सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में बड़ी लापरवाही
Civil Hospital Sirsa: सिरसा के नागरिक अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। अस्पताल के निक्कू (NICU) वार्ड में भर्ती एक 4 दिन के मासूम नवजात के बेड और शरीर पर चींटियां रेंगती पाई गईं। रात के वक्त जब बच्चे की मां उसे दूध पिलाने पहुंची, तो यह खौफनाक मंजर देखकर उसके होश उड़ गए। इस घटना के बाद हड़कंप मचते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) और पीएमओ ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए निक्कू वार्ड के इंचार्ज और बाल रोग विशेषज्ञ से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
रात में सोता मिला स्टाफ, परिजनों ने वीडियो बनाकर दर्ज कराया विरोध
शहर के नौहरिया बाजार निवासी कवि मोहन की पत्नी लवजीत कौर ने गत 7 अगस्त को बच्चे को जन्म दिया था। सांस लेने में हल्की तकलीफ होने के कारण मासूम को निक्कू वार्ड में दाखिल कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि जब रात करीब 12 बजे मां बच्चे को दूध पिलाने वार्ड में दाखिल हुई, तो बेड पर चींटियां रेंग रही थीं और कुछ चींटियां मासूम के शरीर पर चढ़ चुकी थीं। आरोप है कि उस वक्त वार्ड के भीतर कोई भी नर्स या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था और वे बाहर आराम फरमा रहे थे। यहां तक कि सफाईकर्मी भी पास के कमरे में सोता पाया गया। बदइंतजमी से खफा होकर परिजन नवजात को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए।
‘लक्ष्मण रेखा’ का वीडियो जारी कर अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
मामला तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन ने बचाव में निक्कू वार्ड की सफाई और बेड के चारों ओर ‘लक्ष्मण रेखा’ खींचते हुए स्टाफ नर्स का एक वीडियो जारी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि निक्कू वार्ड की इमारत काफी पुरानी है, जिसकी दीवारों में बारीक सुराख बने हुए हैं और वहीं से चींटियां निकल आती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक चींटियों को रोकने के लिए रोजाना कीटनाशक और लक्ष्मण रेखा का इस्तेमाल किया जाता है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या घटना की रात ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी सही से निभाई थी या नहीं।
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए कोई अलग कक्ष नहीं
इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की एक और बड़ी खामी को उजागर कर दिया है। निक्कू वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को दूध पिलाने आने वाली प्रसूताओं के लिए वहां कोई अलग से प्राइवेसी या फीडिंग रूम की व्यवस्था नहीं है। हालांकि गायनी ओपीडी के पास स्तनपान कक्ष है, लेकिन निक्कू वार्ड उससे काफी दूर स्थित है। ऐसे में हर दो घंटे में बच्चे को स्तनपान कराने आने वाली महिलाओं को चुन्नी या पर्दा लगाकर खुले में ही दूध पिलाना पड़ता है। इस अव्यवस्था पर पीएमओ डॉ. आरके दहिया ने सफाई देते हुए कहा कि माताओं की सुविधा के लिए निक्कू वार्ड के पास अगले सप्ताह तक अलग से स्तनपान कक्ष की व्यवस्था कर दी जाएगी।
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