Bhiwani News: भिवानी में कूड़े के ढेर से बढ़ी आफत, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी, बेनतीजा रही सरकारी वार्ता

भिवानी में कूड़े के ढेर से बढ़ी आफत, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ी, बेनतीजा रही सरकारी वार्ता
Bhiwani News: भिवानी शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते प्रशासनिक बदहाली और गंदगी का मंजर गहराता जा रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर नगर परिषद कर्मचारी बीते 6 अगस्त से कामबंद हड़ताल पर हैं। सरकार और कर्मचारी संघ के बीच हुई हालिया दौर की वार्ता बेनतीजा साबित होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का मन बना लिया है। अब हड़ताल की अवधि बढ़ाकर 18 अगस्त तक कर दी गई है, जिससे शहर भर में जगह-जगह कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं और आम जनता का सांस लेना तक दूभर हो चुका है।
प्रतिदिन निकलता है 200 मीट्रिक टन कूड़ा, 608 कर्मचारी मैदान में
भिवानी शहर से रोजाना औसतन 150 से 200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। बीते दस दिनों से कूड़े का उठान पूरी तरह ठप होने की वजह से यह कचरा अब गलियों, मुख्य चौराहों और मुख्य सड़कों के किनारे जमा हो रहा है। हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने बताया कि जिले भर के 608 से अधिक कर्मचारी इस आंदोलन में डटे हुए हैं। इनमें भिवानी नगर परिषद के 199 पक्के, 157 कच्चे और 200 डोर-टू-डोर कर्मचारी शामिल हैं, जबकि लोहारू के 45 और बवानीखेड़ा के 7 कर्मचारी भी काम ठप कर हड़ताल पर बैठे हैं।
13 मई के समझौते को लागू करने की मांग, बातचीत बेनतीजा
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बैठक में उनकी कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उन्हें धरातल पर लागू नहीं किया गया। बार-बार आश्वासन मिलने से नाराज कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संघ का साफ तौर पर कहना है कि जब तक सरकार मानी गई मांगों के क्रियान्वयन का आधिकारिक पत्र जारी नहीं करती, तब तक झाड़ू-प्रदर्शन और हड़ताल का यह दौर थमने वाला नहीं है।
प्रशासन की लाचारी: नहीं की गई कोई वैकल्पिक व्यवस्था
दूसरी तरफ, भिवानी नगर परिषद प्रशासन इस संकट से निपटने में पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। नगर परिषद के चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप ने माना कि कर्मचारियों की हड़ताल राज्यस्तरीय है और सरकार इस पर संज्ञान ले रही है। हालांकि, शहर में फैल रही गंदगी और महामारियों के खतरे के बावजूद परिषद की ओर से कचरा उठाने के लिए कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं। भवानी प्रताप का दावा है कि जैसे ही हड़ताल खत्म होगी, 24 घंटे के भीतर पूरे शहर से कचरा साफ कर दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल स्थानीय लोग इस वादे और बदबूदार गंदगी के बीच जीने को मजबूर हैं।
