August 19, 2026

Thought of the Day: ‘आज का विचार’, जो दूसरों को रोशनी देता है, उसका दीपक कभी नहीं बुझता

0
Thought of the Day: 'आज का विचार', जो दूसरों को रोशनी देता है, उसका दीपक कभी नहीं बुझता

'आज का विचार', जो दूसरों को रोशनी देता है

Thought of the Day: दौड़भाग और अंधी प्रतिस्पर्धा से भरी इस आधुनिक जिंदगी में इंसान अक्सर अपने ही घेरे में सिमटकर रह जाता है। ऐसे दौर में “जो दूसरों को रोशनी देता है, उसका दीपक कभी नहीं बुझता” जैसी अमर सूक्तियां किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह हमारे भीतर के इंसान को जगाने का काम करती हैं। यह पंक्ति महज शब्दों का ताना-बाना नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन का वह मूलतत्व है, जो हमें खुद से ऊपर उठकर दूसरों के लिए जीना सिखाता है।

इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसी महापुरुष, समाज सुधारक या आम इंसान ने अपने स्वार्थ को त्यागकर दूसरों के जीवन का अंधेरा दूर करने का बीड़ा उठाया, तो कालचक्र भी उनका नाम नहीं मिटा सका। दीपक का काम जलना और प्रकाश फैलाना है। जब वह जलता है, तो खुद को मिटाकर दूसरों के रास्ते को जगमगाता है। ठीक इसी प्रकार, जो व्यक्ति ज्ञान, करुणा, प्रेम और मदद के जरिए समाज के आखिरी पायदान पर खड़े इंसान के जीवन में उम्मीद की लौ जलाता है, उसका अपना वजूद हमेशा के लिए रोशन हो जाता है।

परोपकार ही है जीवन की असली संपत्ति

अक्सर लोग सोचते हैं कि धन-दौलत या बड़ा पद ही इंसान की पहचान बनाता है। लेकिन हकीकत यह है कि भौतिक वस्तुएं वक्त के साथ नष्ट हो जाती हैं, जबकि दूसरों के हित में किए गए काम इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो जाते हैं। जब आप किसी रोते हुए चेहरे पर मुस्कान लाते हैं, किसी बेसहारा को सहारा देते हैं या किसी अज्ञानी को शिक्षा का दीप सौंपते हैं, तो आप केवल उसकी मदद नहीं कर रहे होते, बल्कि अपने चरित्र की उस अमर इमारत की नींव रख रहे होते हैं जिसे वक्त का तूफान भी नहीं डिगा सकता।

दूसरों को रोशनी देने का मतलब सिर्फ बड़ा दान करना या कोई बड़ा सामाजिक आंदोलन खड़ा करना ही नहीं है। रोजमर्रा की जिंदगी में बोले गए दो मीठे बोल, किसी निराश मन को दी गई हिम्मत और बिना किसी स्वार्थ के निभाया गया साथ भी किसी जलते दीपक से कम नहीं है। जब हम दूसरों के जीवन से अंधकार मिटाने का जरिया बनते हैं, तो हमारी अपनी आत्मा का प्रकाश खुद-ब-खुद बढ़ता जाता है।

अमरता की ओर ले जाने वाला निस्वार्थ मार्ग

मानव इतिहास में जितने भी महान नाम दर्ज हैं—चाहे वे महर्षि दधीचि हों, बुद्ध हों या फिर आधुनिक दौर के समाज सेवक—इन सबमें एक बात समान थी। इन्होंने अपनी ऊर्जा और जीवन का उपयोग दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने में किया। उनका यह निस्वार्थ भाव ही आज भी उन्हें हमारे बीच जीवित रखे हुए है।

आज के समय में जब दूरियां बढ़ रही हैं और रिश्ते स्वार्थ की बुनियाद पर टिकने लगे हैं, तब इस विचार को अपने आचरण में उतारना बेहद जरूरी हो गया है। आइए, आज खुद से यह वादा करें कि हम अपने सामर्थ्य के अनुसार कम से कम एक दीया ऐसा जरूर जलाएंगे, जो किसी और के रास्ते का अंधेरा दूर कर सके। क्योंकि सच यही है कि दूसरों को रोशन करने वाला दीपक कभी नहीं बुझता।

यह भी पढ़ें– वक्त को थाम लेने का हुनर, आज है वर्ल्ड फोटोग्राफी डे, जानिए इतिहास और शायरी का रिश्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed