Shani Nakshatra: वक्री शनि का बड़ा कदम, 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश, जानें आपकी राशि पर प्रभाव

वक्री शनि का बड़ा कदम, 20 अगस्त को रेवती नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश, जानें आपकी राशि पर प्रभाव
Shani Nakshatra: कर्म और अनुशासन के देवता शनिदेव की चाल में जब भी कोई बदलाव होता है, तो उसका असर पूरे जनमानस पर गहरा पड़ता है। 20 अगस्त 2026 की शाम वक्री अवस्था में चल रहे शनिदेव रेवती नक्षत्र के दूसरे पद से उल्टी चाल चलते हुए इसके पहले पद (धनु नवांश) में प्रवेश करने जा रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज के अनुसार, रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि, व्यापार और यात्रा के कारक हैं। वहीं धनु नवांश का संबंध ज्ञान, नीति और सही दिशा से है। जब वक्री शनि इस पद में गोचर करते हैं, तो यह व्यक्ति को पुराने फैसलों का पुनर्मूल्यांकन करने और बीते समय में छोड़े गए अधूरे कामों को फिर से शुरू कर पूरा करने का मौका देते हैं।
सभी 12 राशियों पर प्रभाव Shani Nakshatra
मेष: अनचाहे खर्च और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। विदेश या पुराने कानूनी मामलों में हलचल होगी। जल्दबाजी से बचें।
वृषभ: आय के पुराने स्रोत फिर से चालू हो सकते हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा और अटकी इच्छाएं पूरी होने के योग हैं।
मिथुन: कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। पुरानी भूल या अटका प्रोजेक्ट सामने आ सकता है, ईमानदारी से काम लें।
कर्क: पिता की सेहत और लंबी यात्राओं पर ध्यान दें। कागजी काम में सतर्कता बरतें और विचार थोपने से बचें।
सिंह: अचानक आने वाले खर्च और सेहत से जुड़ी पुरानी समस्या परेशान कर सकती है। पैतृक संपत्ति के मामलों में सजग रहें।
कन्या: दांपत्य और व्यावसायिक साझेदारी में संवाद बनाए रखें। किसी भी नए दस्तावेज पर सोच-समझकर हस्ताक्षर करें।
तुला: काम का बोझ बढ़ेगा। पुरानी बीमारी को अनदेखा न करें। कर्ज निपटाने और दिनचर्या सुधारने का सही समय है।
वृश्चिक: संतान और प्रेम संबंधों से जुड़े मामले ध्यान मांगेंगे। जोखिम भरे निवेश से बचें, रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
धनु: घरेलू सुख-सुविधाओं और मकान की मरम्मत पर खर्च हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें।
मकर: पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटी यात्राएं और पुराने संपर्क फायदेमंद साबित होंगे। वाणी में मधुरता रखें।
कुंभ: धन संचय और पारिवारिक मामलों में संयम बरतें। कड़वी वाणी रिश्तों में खटास ला सकती है, बचत योजनाओं पर ध्यान दें।
मीन: आपकी ही राशि में वक्री शनि रहने से निजी फैसलों पर विचार करना होगा। सुस्त रफ्तार के बावजूद काम में निरंतरता बनाए रखें।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय Shani Nakshatra
दान-पुण्य: शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काली उड़द, काले तिल या सरसों के तेल का दान करें।
दीपक जलाएं: शनिवार की संध्या पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाना शुभ रहेगा।
मंत्र जाप: ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का रोजाना श्रद्धापूर्वक जाप करें।
कर्म की शुद्धता: बुजुर्गों, असहायों और कर्मचारियों का सम्मान करें। किसी का हक मारने या असत्य से बचें।
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