Haryana Weather: हरियाणा में थमा मानसूनी बारिश का दौर, कुरुक्षेत्र में 84.5 MM वर्षा, जानें सितंबर में कैसा रहेगा मौसम

हरियाणा में थमा मानसूनी बारिश का दौर, कुरुक्षेत्र में 84.5 MM वर्षा
Haryana Weather: हरियाणा के आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच अब मानसूनी रफ्तार पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली नम हवाओं की गति धीमी पड़ने के कारण आगामी सप्ताह में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश के आसार बेहद कम हैं। मौसम में आए इस ठहराव के बाद सितंबर के पहले हफ्ते में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त महीने में अब तक प्रदेश भर में कुल 257.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो इस अवधि के सामान्य आंकड़े से लगभग 14 फीसदी कम है।
भले ही आने वाले दिनों में बारिश से राहत के संकेत हों, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में मेघ जमकर बरसे। कुरुक्षेत्र जिला बारिश के मामले में सबसे आगे रहा, जहां रिकॉर्ड 84.5 मिलीमीटर पानी गिरा। वहीं पंचकूला में 67.5 मिलीमीटर, यमुनानगर में 60 मिलीमीटर, फतेहाबाद में 32 मिलीमीटर और सोनीपत में 29.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
टांगरी के उफान से अंबाला में हड़कंप, मोरनी में भूस्खलन से मंडराया खतरा
पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिला। मंगलवार देर रात अंबाला कैंट के पास बहने वाली टांगरी नदी का जलस्तर अचानक बढ़कर 27,720 क्यूसेक के पार पहुंच गया। जलस्तर में इस अचानक उछाल से नदी किनारे बसी करीब 10 कॉलोनियों की गलियों में तीन फीट तक पानी तैरने लगा। हालांकि प्रशासनिक अलर्ट के चलते लोग पहले से सतर्क थे और बुधवार सुबह तक नदी का बहाव कम होने से राहत की सांस ली गई। दूसरी ओर, पंचकूला के मोरनी हिल्स इलाके में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। ढलान पर बने कई मकानों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, जिसको लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मजबूत सुरक्षा इंतजामों की गुहार लगाई है। पंचकूला में घग्गर नदी भी अपने पूरे शबाब पर उफान के साथ बह रही है।
करंट की चपेट में आने से युवक की जान गई, कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर गिरा मलबा
बारिश का यह दौर हादसों का सबब भी बना। सोनीपत के कबीरपुर इलाके में बारिश के कारण एक मकान की सीढ़ियों में उतरे करंट ने 30 वर्षीय युवक आकाश की जान ले ली। बुधवार सुबह छत पर जाते समय जैसे ही उसने लोहे की सीढ़ी को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने की कोशिश में परिवार के अन्य सदस्य भी झुलस गए। उधर, पानीपत और फरीदाबाद के निचले इलाकों में हुए भारी जलभराव से सुबह के वक्त यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
पहाड़ों में हो रही तबाही का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलखंड पर बुधवार दोपहर गुम्मन और कोटी रेलवे स्टेशन के बीच अचानक पहाड़ी से भारी मलबा ट्रैक पर आ गिरा। हादसे के वक्त 172 यात्रियों को लेकर जा रही ट्रेन संख्या 52458 कालका-शिमला एक्सप्रेस को आनन-फानन में कोटी स्टेशन पर रोकना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने स्थानीय सैन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी को सुरक्षित निकाला।
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